फर्जी दूतावास चलाने वाले हर्षवर्धन निकला बड़ा घोटालेबाज, STF की जांच में खुले कई राज!

फर्जी दूतावास चलाने वाले हर्षवर्धन निकला बड़ा घोटालेबाज, STF की जांच में खुले कई राज!

Fake Embassy Of Ghaziabad: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में फर्जी दूतावास चलाने के आरोप में पकड़े गए हर्षवर्धन जैन के मामले में नोएडा STF रोज नए खुलासे कर रही है। जांच में पता चला है कि जैन ने हैदराबाद मूल के तुर्की नागरिक एहसान अली सैयद के साथ मिलकर यूके, यूएई, मॉरीशस और अफ्रीका में 25से अधिक शेल कंपनियां बनाईं, जिनमें स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, ईस्ट इंडिया कंपनी यूके लिमिटेड, आइलैंड जनरल ट्रेडिंग कंपनी, इंदिरा ओवरसीज लिमिटेड और कैमरून इस्पात शामिल हैं। STF को जैन के विदेशी बैंक खातों की जानकारी भी मिली है, जिनमें दुबई में 6, यूके में 3, मॉरीशस और भारत में 1-1खाते शामिल हैं। जैन के दो पैन कार्ड और इनसे जुड़े लेनदेन की भी जांच हो रही है।

300करोड़ के घोटाले और विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड

STF की जांच में सामने आया कि जैन ने 10साल में 162बार विदेश यात्राएं कीं, जिसमें 54 बार यूएई और 22 बार यूके शामिल हैं। वह मॉरीशस, फ्रांस, कैमरून, पोलैंड, श्रीलंका, टर्की, इटली, सिंगापुर, मलेशिया, जर्मनी और थाईलैंड जैसे 19देशों में गया। जांच में 300करोड़ से अधिक के एक लोन घोटाले में उसकी संलिप्तता का खुलासा हुआ है, जिसमें हवाला और लाइजनिंग के जरिए धोखाधड़ी की गई। जैन की मुलाकात विवादित चंद्रास्वामी ने सऊदी के हथियार डीलर अदनान खगोशी और एहसान अली सैयद से कराई थी, जिसके बाद उसने यह आपराधिक नेटवर्क बनाया।

पुलिस रिमांड और गहन पूछताछ की तैयारी

नोएडा STF ने जैन को पुलिस रिमांड पर लेने के लिए कविनगर कोर्ट में अर्जी दाखिल की है, जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी। डिप्टी एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि रिमांड के दौरान जैन से गहन पूछताछ की जाएगी। उसके पास से 12 फर्जी डिप्लोमैटिक पासपोर्ट, 44.7 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा और कई जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं। STF इस अंतरराष्ट्रीय हवाला और धोखाधड़ी नेटवर्क के तारों को पूरी तरह उजागर करने के लिए जांच को और गहरा कर रही है।

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