
UttraKhand News:हरिद्वार में पवित्र कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 10जुलाई, 2025को ऑपरेशन कालनेमी शुरू किया। रामायण के छल करने वाले राक्षस कालनेमी के नाम पर यह अभियान सनातन धर्म की छवि को धूमिल करने वाले ठगों को पकड़ने के लिए चलाया जा रहा है। पहले ही दिन 50से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनमें छह मुस्लिम व्यक्ति भगवा वस्त्र पहनकर भक्तों को ठगते पकड़े गए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चेहरा पहचान तकनीक की मदद से यह कार्रवाई की गई, जो हरिद्वार की आध्यात्मिक गरिमा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। सावन मास से पहले शुरू यह अभियान सामाजिक सद्भाव और विश्वास को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
AI की मदद से तेजी से पकड़े गए संदिग्ध
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने 350से अधिक सीसीटीवी कैमरों और ड्रोनों के साथ हर की पौड़ी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर नजर रखी। इस अभियान में 50संदिग्ध हिरासत में लिए गए, जिनमें 35अभी भी पुलिस कस्टडी में हैं। इनमें छह मुस्लिम व्यक्ति शामिल हैं, जो भगवा वस्त्र पहनकर भीख मांग रहे थे या धोखाधड़ी में लिप्त थे। गिरफ्तार लोगों में बिहार के रफीक अंसारी, बरेली के महबूब, कोलकाता के मोहम्मद इमरान और अन्य शामिल हैं। थाना कलियर ने छह, कोतवाली नगर ने 13, श्यामपुर ने 18और कनखल ने आठ फर्जी साधुओं को पकड़ा। कमांड कंट्रोल सेंटर से AI और फेस रिकॉग्निशन तकनीक की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई।
कांवड़ यात्रा के लिए सख्ती, ठगी पर नकेल
सावन मास की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा शुरू होने पर यह कार्रवाई और महत्वपूर्ण हो गई है। लंबे समय से हरिद्वार में फर्जी बाबाओं की शिकायतें मिल रही थीं, जो साधु वेश में तंत्र-मंत्र और चमत्कार के नाम पर लोगों को ठग रहे थे। कुछ मामलों में आपराधिक गतिविधियों की भी जानकारी मिली। ऑपरेशन कालनेमी के जरिए पुलिस ने ऐसे ढोंगियों पर शिकंजा कसा, ताकि तीर्थनगरी की पवित्रता और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। यह अभियान हरिद्वार की धार्मिक और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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