Hardeep Singh Puri Rajya Sabha MP: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। गुरुवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन उनके सामने कोई उम्मीदवार नहीं बचा, जिसके बाद निर्वाचन अधिकारी उमेश शर्मा ने उन्हें राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित कर दिया।बीजेपी की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पार्टी विधायक रामेश्वर शर्मा की उपस्थिति में चुनाव अधिकारी से हरदीप सिंह पुरी की जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त किया। प्रमाण पत्र मिलते ही बीजेपी खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। दरअसल, इस सीट के लिए हुए उपचुनाव में कुल तीन नामांकन दाखिल हुए थे। जांच के अंतिम दिन दो नामांकन खारिज हो गए थे। पहला नामांकन कांटे साय्यना का था और दूसरा कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का था। दोनों के पर्चे जांच में खारिज हो जाने के बाद मैदान में केवल हरदीप सिंह पुरी ही बचे थे, जिसके चलते उनका निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा था।
क्यों खाली हुई थी ये सीट?
यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। एल मुरुगन ने हाल ही में संसद के उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण चुनाव आयोग को मध्य प्रदेश में इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा। बीजेपी ने इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया था और पार्टी के पास विधानसभा में प्रचंड बहुमत होने के कारण उनकी जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी।
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मुख्यमंत्री को सौंपा प्रमाण पत्र
मुख्यमंत्री को सौंपा प्रमाण पत्र निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा सीधे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और उन्हें हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र सौंपा।मुख्यमंत्री निवास में हुई इस मुलाकात के दौरान राज्यसभा चुनाव और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बीजेपी नेताओं ने हरदीप पुरी के निर्वाचन को पार्टी के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।हरदीप पुरी के राज्यसभा सांसद बनने के बाद अब केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनका मंत्री पद पर बने रहना भी पूरी तरह से तय हो गया है।