Jharkhand Students Protest: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और परिणामों में अनियमितता के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों छात्र पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। छात्र पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन की शुरुआत झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े एक कथित OMR शीट विवाद के बाद हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक OMR शीट में दावा किया गया कि एक अभ्यर्थी ने 100 में केवल 48 सवाल सही किए, फिर भी उसका चयन हो गया। इसके अलावा, झारखंड PGT परीक्षा में 300 में 299 अंक पाने वाली एक महिला अभ्यर्थी के चयन न होने के दावे ने भी छात्रों का गुस्सा बढ़ा दिया।
क्या है छात्रों की मांग?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में JPSC और JSSC परीक्षाओं की CBI और ED से जांच, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करना, परीक्षा कराने वाली कंपनी TDPL को ब्लैकलिस्ट करना, OMR शीट में "Not Attempted" का विकल्प जोड़ना और भर्ती के लिए हर साल तय और पारदर्शी कैलेंडर लागू करना शामिल है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन के समर्थन में आमरण अनशन शुरू किया है। उनके साथ कई अन्य छात्र भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान
छात्रों के बढ़ते दबाव के बीच JPSC के अध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि आगामी JPSC मुख्य परीक्षा को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। हाल ही में हजारों छात्रों ने रांची में मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन की अगली कड़ी में छात्र संगठनों ने 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है।
क्या है इस प्रदर्शन का उद्देश्य?
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक, गैर-धार्मिक और गैर-जातीय है। उनका उद्देश्य केवल भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्य उम्मीदवारों को न्याय दिलाना है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों पर विचार करने के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और जांच पूरी होने के बाद छात्रों को न्याय मिलेगा।
छात्रों को मिल रहा समर्थन
वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी मामले की CBI जांच की मांग की है। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड के छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी सोशल मीडिया के जरिए छात्रों का समर्थन जताया, जिससे इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा मिली। इसके साथ ही छात्रों का कहना है कि सरकार अब उन्हे जिंदा रखे या फिर मार दे।
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