
Badlapur Sexual Assault Case: मुबंई के बदलापुर में बीते दिनों मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया। तीन और चार साल की बच्चियों के साथ किंडरगार्डन स्कूल में कार्यरत अटेंडेंट पर कथित रुप से यौन शोषण करने का आरोप लगा। इस मामले को लेकर बदलापुर में आक्रशित लोगों ने जमकर तोड़फोड़ मचाई और ट्रेन को भी कई घंटों तक रोक कर रखा। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पर पोक्सो समेत कई मामलों में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से आरोपी को जल्द सजा दिलाने का भरोसा दिया है। सरकार ने इस मामले में पीड़ित बच्चियों की ओर में कोर्ट में पक्ष रखने के लिए वरिष्ट वकील उज्जवल निगम को चुना है।
कई बड़े मामलों में रहे हैं शामिल
उज्जवल निगम देश के बड़े वकीलों में शुमार हैं। उन्होंने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल केस लड़े हैं। खास तौर पर आतंकवाद से जुड़े तमाम केसों में उज्जवल निगम का नाम शान से लिया जाता है। उज्जवल निगम का नाम पहली बार देशभर में चर्चा तब हुई, जब उन्होंने मुबंई में हुई आतंकी हमले में शामिल अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उज्जवल निगम ने आतंकी अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में उज्जवल निगम को सरकारी वकील बनाया था। इसके अलावा वो टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की हत्या में भी वकील रहे थे।
राजनीति में अजमा चुके हैं दांव
उज्जवल निगम को भारत के चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म श्री मिला था। साथ ही उन्होंनेसाल 2024 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। हालांकि, वो कांग्रेस की प्रत्याशी से वो चुनाव हार गए थे।
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