विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022: लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले प्रेस को कितनी है अभिव्यक्ति की आजादी, जानें

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2022: लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले प्रेस को कितनी है अभिव्यक्ति की आजादी, जानें

नई दिल्ली: हर साल आज के दिन यानी 3मई को पूरी दुनिया विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाती है. प्रेस किसी भी समाज का आईना होता है। प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है। प्रेस का समाज में कितना अहम रोल है, इसका अंदाजा हम इस बात से लगा सकते है कि लोकतंत्र के इस चौथा स्तंभ को दुनिया के कई देशों में अभव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित रखा गया है। जिसके कारण लोगों को सही जानकारी नहीं मिल पाती है। दुनिया भर में प्रेस की आजादी को सम्मान देने, लोकतंत्र को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए और उसके महत्व को रेखांकित करने के लिए, विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया को मनाया जाता है।

सन् 1991में पहली बार अफ्रीका के पत्रकारों ने प्रेस की आजादी के लिए एक मुहिम छेड़ी थी। इन पत्रकारों ने तीन मई को ही प्रेस की आजादी के सिद्धांतों को लेकर बयान जारी किया था। जिसे डिक्लेरेशन ऑफ विंडहोक के नाम से भी जाना जाता हैं। इसके ठीक दो साल बाद सन् 1993में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने पहली बार विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का फैसला किया था। उस दिन हर साल तीन मई को विश्व प्रेस आजादी दिवस मनाया जाता है. इस दिन गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार भी दिया जाता है। यह पुरस्कार उस संस्थान या व्यक्ति को दिया जाता है. जिसने प्रेस के आजादी के लिए उल्लेखनीय कार्य किया हो। दुख की बात तो यह है कि आज तक भारत के किसी भी पत्रकार या संस्थान को अभी तक यह पुरस्कार से नहीं नवाजा गया है।

यूनेस्को द्वारा प्रेस स्वतंत्रता दिवस को मनाने का उद्देश्य ये है कि वह सत्ताधारी सरकार को यह याद दिलाती है कि उन्हें प्रेस की आजादी के प्रति सम्मान करने की जरूरत है। इसके साथ ही यह मीडिया संस्थानों को, पत्रकारों को प्रेस की आजादी और व्यवासायिक मूल्यों की याद दिलाना है। यह दिन मीडिया के उन लोगों के समर्थन और सम्मान का है, जो प्रेस और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए काम करते हुए विरोध और जुल्म का शिकार हुए हैं।

यूनिस्को ने इस साल 2022 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की थीम 'डिजिटल घेराबंदी के तहत पत्रकारिता' रखी गई है। यूनिस्को ने इस थीम के द्वारा इस साल तीन बिंदुओं को रेखांकित करा है। समाचार मीडिया के आर्थिक व्यवहारिकता को सुनिश्चित करना, इंटरनेट कंपनियों के पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए प्रणाली बनाना और मीडिया और जानकारी साक्षरता क्षमताओं को बढ़ाना जोकि लोगों में मूल्यों की पहचान क्षमता बढ़ाती हैं।

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