161th GCC Summit: आधा दर्जन सबसे ताकतवर मुस्लिम देशों के साथ बैठक करेंगे विदेश मंत्री, रियाद पहुंचे जयशंकर

161th GCC Summit: आधा दर्जन सबसे ताकतवर मुस्लिम देशों के साथ बैठक करेंगे विदेश मंत्री, रियाद पहुंचे जयशंकर

What Is GCC: पिछले एक दशक में भारत और अरब देशों के बीच संबंध काफी अच्छे हुए हैं। इस बीच सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। जहां उनका स्वागत प्रोटोकॉल मामलों के उप मंत्री अब्दुल मजीद अल स्मारी ने किया। विदेश मंत्री जयशंकर रियाद में आयोजित होने वाली गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में शामिल होंगे। विदेश मंत्री GCC में शामिल तमाम 6 देशों से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। गौरतलब है कि पिछले चंद सालों में GCC के साथ भारत का संबंध काफी अच्छा हुआ है। इस संगठन में 6 अरब देश शामिल हैं। GCC में भारत अरब देशों के साथ व्यापारिक, राजनीतिक और उर्जा सहयोग क्षेत्र में मिलकर काम कर रहा है। विदेश मंत्री रियाद पहुंचते ही ट्वीट करते हुए कहा कि “पहली भारत-खाड़ी सहयोग परिषद विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के सऊदी अरब के रियाद आया हूं।“

क्या है GCC?

साल 1981 में 6 अरब देशों ने मिलकर GCCकी नींव रखी थी। GCC एक क्षेत्रिय संगठन है, जिसका उद्देश्य आपसी सहयोग बनाकर कई क्षेत्रों में काम करने का है। GCC में सऊदी अरब, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर और ओमान शामिल है। इन देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा, प्रशासन, और तकनीक क्षेत्रों के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना ही मकसद है। GCC की 161वीं मंत्रिस्तरीय बैठक रियाद में आयोजित हो रही है। इसके साथ ही भारत, रुस और ब्राजील के बीच तीन मंत्रिस्तरीय बैठकें होंगी।

भारत को क्या फायदा मिलेगा?

बीते कुछ सालों में भारत और अरब देशों के बीच संबंध काफी अच्छे हुए हैं। GCC में शामिल 6 अरब देशों में करीब 70 लाख से अधिक लोग रहते हैं। इतना ही नहीं भारत 34%क्रूड तेल इन्हीं 6 देशों से आयात करता है। UAEऔर सऊदी अरब ने तो भारत में निवेश कर रखा है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर GCC के देशों का समर्थन भारत को मिलता रहा है। जैसे धारा 370 खत्म करने पर भले ही मलेशिया और तुर्की जैसे देशों ने टिप्पणी की थी लेकिन सऊदी अरब ने चुप्पी साध रखी है। साथ ही भारत इन देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को और मजबूत बना कर रख सकता है।

Leave a comment