Nepal Flood: नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड की मार झेल रहा है। इसी बीच भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। रसुवा जिला प्रशासन को रात में नदी का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई दी। हालांकि राहत की बात यह है कि अब पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हो रहा है और फिलहाल बड़े स्तर पर बाढ़ का खतरा नहीं बताया गया है।
नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के अनुसार, भोटेकोशी नदी में रात करीब 3 बजे के बाद पानी का बहाव अचानक बढ़ा था। बाद में इसकी रफ्तार कम होने लगी। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सुरंग में फंसे करीब 600 लोग
बाढ़ के बीच रसुवा में करीब 600 लोगों के सुरंग में फंसे होने की खबर है। अभी बड़े स्तर पर उनका रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं हो पाया है। संबंधित परियोजनाओं के अनुसार, बचाव कार्य के लिए पर्याप्त कर्मचारी, विशेषज्ञ और जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
फ्लैश फ्लड में भारी तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े इलाके में तबाही मचाई थी। नेपाल पुलिस के मुताबिक, हादसे में अब तक 675 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। खराब मौसम के कारण राहत और बचाव अभियान में भी लगातार मुश्किलें आ रही हैं।
भारतीय नागरिक भी प्रभावित
इस आपदा में कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। 275 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जबकि 108 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। भारतीय मूल के 128 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय चीन के रास्ते सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 900 भारतीय चीन की ओर सुरक्षित हैं।
भारत ने भेजी राहत की चौथी खेप
भारत ने नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी है। शनिवार रात 11 टन सामान लेकर C-130 सैन्य विमान नेपाल रवाना हुआ। इसमें सुरंग में फंसे लोगों की तलाश के लिए तकनीकी टीम और DNA जांच में मदद के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी भेजी गई हैं। फिलहाल भोटेकोशी नदी का पानी कम हो रहा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की अपील कर रहा है।
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