Delhi News: आम आदमी पार्टी के नेताओं सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और कई पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल पर कथित तौर पर हमला करने और उसे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस जानकारी के अनुसार ये घटना कथित तौर पर सोमवार को तब घटी जब आम आदमी पार्टी के नेता पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ तिलक नगर इलाके के दौरे पर गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सादे कपड़ों में मौजूद हेड कांस्टेबल कथित तौर पर इलाके में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था, तभी आम आदमी पार्टी के समर्थकों की भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद हेड कांस्टेबल को चिकित्सा परीक्षण के लिए ले जाया गया। पुलिस जानकारी के में ये भी बताया कि लोक सेवक को बाधा पहुंचाने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल सादे कपड़ों में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। आम आदमी पार्टी के समर्थकों की भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद हेड कांस्टेबल का मेडिकल परीक्षण कराया गया। सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है," बयान में आगे कहा गया। यह शिकायत 27 सितंबर को तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान वर्मा द्वारा कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आई है।
भारद्वाज ने लगाया आरोप
इस घटना का एक कथित वीडियो AAP नेताओं द्वारा साझा किया गया था, जिसमें वर्मा को नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के दौरान सिंह को कथित तौर पर थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया है। विकासपुरी पुलिस स्टेशन के बाहर AAP के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने से पहले ANI से बात करते हुए, भारद्वाज ने आरोप लगाया कि AAP विधायक जरनैल सिंह द्वारा सड़क की खराब गुणवत्ता का प्रदर्शन करने के बाद वर्मा ने कैमरामैन पर हमला किया।
वर्मा ने मारा थप्पड़
वहीं, साहिब सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क निरीक्षण के दौरान वर्मा ने उन्हें थप्पड़ मारा था। सिंह ने दावा किया कि सड़क की खराब हालत को उजागर करने के बाद मंत्री ने उनका फोन छीन लिया, उनकी बांह मरोड़ दी और उनके साथ मारपीट की। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली, लेकिन वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की।
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