भारत में त्यौहारों का महत्व, जानें किस तरह मान्यताओं की हुई शुरुआत

भारत में त्यौहारों का महत्व, जानें किस तरह मान्यताओं की हुई शुरुआत

नई दिल्ली: हमारा देश विभिन्नताओं के समूह का एक ऐसा देश है, जहां पूरे साल अलग-अलग त्यौहार बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते है। त्योहारों से हमारे जीवन में परिवर्तन और उल्लास का संचार होता है। त्यौहार अथवा पर्व सामजिक मान्यताओं, परंपराओं और पूर्व संस्कारों पर आधारित होते है। वहीं जहा एक तरफ दिवाली का त्यौहार पास आ रहा है। वहीं दूसरी ओर भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक साथ तीन त्यौहारों को मनाया जाएगा। इसलिए आज हम आपको भारत के कुछ ऐसे त्यौहारों के बारें में बताने जा रहे है जिसे बेहद धूमधाम से मनाया जाता है।

भाई दूज कब मनाया जाएगा

बता दें कि इस बार भाई दूज 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा। कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ये त्योहार मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाई को टीका लगाती है, इसके अलावा आरती करती है और उसकी लंबी उम्र व सेहतमंद जिंदगी की कामना करती है। वहीं अब बात करें की कैसे मनाया जाता है भाई दूज का त्यौहार तो इसमें जिस तरह रक्षाबंधन पर भाई खुद बहन के घर जाते है लेकिन भाई दूज पर बहने भाई के घर आती है और उसका टीका करती है। इसके अलावा टीका करने के बाद भाई को सूखा नारियल दिया जाता है और उके लंबे व स्वस्थ जीवन की कामना की जाती है।

गोवर्धन पूजा कब मनाया जाएगा

गोवर्धन पूजा की बात करें तो इस पूजा को दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है। आपको बता दें कि गोवर्धन पूजा मनाने के पीछे एक पौराणिक कथा है। इस पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान इंद्र ने ब्रज गांव में बहुत तेज बारिश शुरू कर दी थी। इस कारण से वहां पर बाढ़ आ गई और त्राहि-त्राहि मच गई। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। कई दिनों के लगातार तूफान के बाद लोगों को अप्रभावित देखकर भगवान इंद्र ने अपनी हार मान ली और बारिश को रोक दिया। इसलिए इस दिन को एक त्योहार के रूप में मनाया जाता है और इस पूजा का अलग महत्व है। इससे श्री कृष्ण ने भगवान इंद्र के घमंड को चूर कर दिया और सभी ब्रजवासियों ने उस दिन से श्री कृष्ण की पूजा करना शुरू कर दी थी। उस दिन से ही गोवर्धन पूजा मनाई जाती है।

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