
Farmers Protest: पिछले 6महीने से बंद शंभू बॉर्डर को खोलने के लिए बीते रविवार को किसानों और प्रशासन के बीच एक बार फिर बैठक हुई, लेकिन इस मीटिंग में बाॅर्डर खोलने को लेकर कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक में किसान जत्थेबंदियों के अलावा पंजाब एवं हरियाणा से पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आयोजित की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट जल्द शंभू बॉर्डर को खुलवा दे- किसान
बता दें, इस मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हरियाणा व पंजाब सरकार अपने स्तर पर किसानों से बैठक करे और समाधान निकालें। तो वहीं, किसानों की मांग ये भी है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द शंभू बॉर्डर को खुलवा दे। ताकि आम जनता और व्यापारियों को परेशान न होना पड़े। अधिकारियों ने बैठक में किसानों से गठित की जाने वाली कमेटी में शामिल किए जाने वाले सदस्यों के बारे में राय मांगी।
कमेटी बनाना किसानों की मांगों को लटकाने का एक जरिया
इस मामले में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि 2021में भी मोदी सरकार की ओर से एमएसपी की कानूनी गारंटी देने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन इसका नतीजा शून्य रहा है। इसके अलावा 2004में स्वामीनाथन आयोग बना, जिसकी सिफारिशों को सरकारों की ओर से अब तक लागू नहीं किया गया है, इसलिए कमेटी का गठन किसानों की मांगों को लटकाने का एक जरिया मात्र है।रास्ता खुलते ही दिल्ली कूच करेंगे। डल्लेवाल ने कहा कि किसान अपने स्टैंड पर अड़िग हैं। दिल्ली बिना ट्रैक्टर ट्रॉली के नहीं जाएंगे।
3 जगह पर प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाई गई
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसानों की अन्य जत्थेबंदियों से मीटिंग हुई है। 31 अगस्त को शंभू बॉर्डर समेत 3 जगह पर किए जाने वाले प्रदर्शन को लेकर रणनीति बनाई गई है। इसके बाद दो सितंबर को शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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