Supreme Court Hearing On Punjab-Haryana Issue: सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के बीच चले आ रहे दशकों पुराने बिजली विवाद का निपटारा हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने जो समाधान के रास्ते बताए हैं, उसके तहत अगले 20 वर्षों में पंजाब और हरियाणा से कुल 11,973 यूनिट बिजली मिलेगी। यह भाखला-नांगल और ब्यास परियोजाना में हिमाचल के 7.19 फीसदी हिस्से का हिस्सा है।
सुप्रीम कोर्ट ने किया विवाद का निपटारा
केंद्रिय विद्युत प्राधिकरण ने इन परियोजनाओं में हिमाचल प्रदेश की मूल बिजली हिस्सेदारी 13066 मिलियन यूनिट आंकी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए हिमाचल को 11,973 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति अगले 20 वर्षों में पूरी करने का रास्ता तय किया है। इस समझौते में बांधों के निर्माण के दौरान हुए खर्चों के समायोजन के लिए 420 करोड़ रुपए की राशि भी शामिल है। यह व्यवस्था नकद भुगतान के तहत नहीं बल्कि हिस्सेदारी के माध्यम से समायोजन किया जाएगा।
क्या है भाखड़ा-नांगल और ब्यास परियोजनाओं
भाखड़ा-नांगल और ब्यास परियोजना उत्तर भारत की प्रमुख बिजली परियोजनाओं में शामिल है। इनसे पैदा होने वाली बिजली के बंटवारे को लेकर संबंधित राज्यों के बीच विवाद चल रहा था। हिमाचल प्रदेश का दावा था कि इन परियोजना में उनका 7.19 फीसदी हिस्सा है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस समस्या का समाधान हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत अगले 20 वर्षों में पंजाब और हरियाणा से हिमाचल को कुल 11,973 यूनिट बिजली मिलेगी
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