क्या आपक बच्चा भी खेलता है ऑनलाइन गेम, दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सर्तक; आ सकता है सुसाइड का ख्याल!

क्या आपक बच्चा भी खेलता है ऑनलाइन गेम, दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सर्तक; आ सकता है सुसाइड का ख्याल!

Online Gaming Addiction: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से जो खबर आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। ऑनलाइन गेम की लत के कारण तीन बच्चियों ने एक साथ सुसाइड कर लिया। कुछ इसी तरह का मामला मध्य प्रदेश से आया। जिसके बाद हर माता-पिता अपने बच्चे को लेकर फ्रिक करने लगे।

बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम और ऑनलाइन गेम की लत ने बच्चों को बाहरी दुनिया से अलग कर दिया है। दूसरी तरफ माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इसी बीच आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे कुछ लक्षण, जो ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान देखा जा सकता है और जिसके कारण बच्चे सुसाइड भी कर सकते हैं।

हो सकते हैं ये लक्षण

अगर आपका बच्चा हर वक्त मोबाइल चलाता है या गेम खेलता है और गेम रोकने पर गुस्सा या चिड़चिड़ापन दिखाता है, परिवार औऱ दोस्तों से दूरी बनाने लगता है, नींद और दिनचर्या बिगड़ने लगता है, पढ़ाई में मन न लगे, बार-बार चेहर पर उदासी, डर या खालीपन महसूस करे तो ये ऑनलाइन गेमिंग की लत के लक्षण हो सकते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार अगर ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई दे तो माता-पिता को सतर्क हो जाना चाहिए।

पेरेंट्स को क्या करना चाहिए

विशेषज्ञ के अनुसार, बच्चों को मोबाइल देना पूरी तरह गलत नहीं है लेकिन निगरानी रखने की जरूरत है। माता-पिता को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए। उनके स्क्रीन टाइम को कम करने की कोशिश करनी चाहिए और स्मार्टफोन पर माता-पिता का इस्तेमाल होना चाहिए। इससे वे खतरनाक गेम्स और चैलेंज से दूर रह सकते हैं।

ऑनलाइन गेम कितना खतरनाक                  

विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों और किशोरों का दिमाग पूरी तरह विकसीत नहीं होता है। ऐसे में वे गेम और चैलेज को स्वीकार करने की ललसा ज्यादा होती है। टास्क पूरा होने का दबाव, डर और हार का भय उनके दिमाग पर असर डालता है। इसके अलावा एक रिपोर्ट के अनुसार 2011 के बाद ऑनलाइन और सोशल मीडिया की लत के कारण युवाओं में डिप्रेशन और सुसाइड के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। 

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