जनकपुरी घटना पर ज़ीरो टॉलरेंस, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू

जनकपुरी घटना पर ज़ीरो टॉलरेंस, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू

Delhi News: दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने आज जनकपुरी क्षेत्र में दिल्ली जल बोर्ड के काम के कारण खुदे हुए गड्ढे में गिरने से हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मद्देनज़र उक्त घटना के कारणों की गहन समीक्षा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक और सुरक्षात्मक कदम सुनिश्चित करने के लिए  लोक निर्माण विभाग (PWD), दिल्ली जल बोर्ड, यातायात पुलिस, राजस्व विभाग एवं नगर निगम (MCD) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि जनकपुरी में बीते दिनों हुई यह घटना अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही से भी जुड़ा विषय है। दिल्ली के नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सूद ने कहा की मैंने आज सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का संयुक्त निरीक्षण किया  है। घटना के वास्तविक कारणों की तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गहन जांच कराई जाएगी। इस घटना में जो भी अधिकारी, एजेंसी या ठेकेदार प्रत्यक्ष या अप्रत्क्ष रूप से दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनकपुरी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की समग्र सुरक्षा का भी ऑडिट कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी का स्पष्ट कहना है की दिल्ली में  जनता की सुरक्षा से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। प्रथम दृष्टया जिन अधिकारियों पर लापरवाही का संदेह पाया गया है, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सूद ने कहा कि साइट पर पाई गई सभी कमियों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस के माध्यम से दिल्ली जल बोर्ड और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है पुलिस द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है और ठेकेदार की लापरवाही के मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि जल बोर्ड के किसी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री आशीष सूद ने यह भी कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और हम सभी इससे आहत हैं। हमारे दुख से एक नौजवान की जान वापस नहीं आ सकती, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा न जाए। मुख्यमंत्री जी  स्वयं पूरे घटनाक्रम पर पल-पल निगरानी रखे हुए हैं और उनके निर्देशों पर सभी कार्यवाहियां की जा रही हैं।

सूद ने PWD,  DJB और MCD  के अधिकारियों को निर्देश दिए की जनकपुरी में सरकारी विभागों द्वारा विकास और निर्माण के लिये जहां काम किये जा रहे है। वहां सुरक्षा के सभी उपायों के साथ-साथ विशेष सतर्कता और सावधानी बरती जाए। निर्माण स्थलों के आसपास पर्याप्त मात्रा में ट्रैफिक  मार्शल, रात में लाइट की व्यवस्था, बैरिकेट्स के पास रिफ्लेक्टर, आदि भी लगाए जाएं। इसके साथ ही निर्माण कार्य करने से पूर्व संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी की लिखित परमिशन का भी विशेष ध्यान रखें। सभी संबंधित विभाग यदि मिलकर समन्वय के साथ काम करेंगे तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता है।

शहरी विकास मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि जहां पर यह घटना घटी वह मार्ग एक अत्यंत व्यस्त सड़क है, जो विकासपुरी और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ती है। निर्माण कार्य में अस्थायी विलंब के कारण आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड और PWD के अधिकारियों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया है। सिंगल कैरिजवे पर दोनों दिशाओं में यातायात सुचारू रखने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।

उन्होंने बताया कि 24 जनवरी को ही दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देशों के साथ एक सर्कुलर जारी किया गया था। इसके अतिरिक्त, शहरी विकास मंत्री के रूप में  वह भी दिल्ली नगर निगम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को औपचारिक पत्र लिखकर जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।

स्वतंत्र रूप से हो रही है जांच 

सूद ने स्पष्ट किया कि पुलिस जांच पूरी तरह स्वतंत्र रूप से चल रही है और जांच के आधार पर नामजद शिकायतें दर्ज होंगी तथा दोषी पाए जाने वालों की गिरफ्तारियां भी की जाएंगी। मंत्री ने दोहराया कि इस दुखद घटना के बाद सरकार कोई कोताही नहीं बरतेगी और भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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