
नई दिल्ली: किसी भी जीव को जिंदा रहने के लिए जितना खाना और पीना जरूरी होता है, उताना ही शरीर में खून का होना भी अहम भूमिका निभाता है। वहीं दिल से लगातार पंप होने वाले खून की रफ्तार इतनी तेज होती है कि एक छोटा सा कट लगने पर अच्छी मात्रा में खून बह जाता है। इसके अलावा शरीर में खून का सही प्रवाह और उसका रंग भी आपके स्वास्थ्य के बारे में बताता है। लेकिन क्या आप जानते है कि खून का रंग लाल होने के अलावा हरा और नीला भी होता है? आज हम आपको खून से जूड़े कुछ ऐसे रोच्क तत्व बताने वाले है जो शायद ही आपको पता हो।
खून के भी होते हैं कई रंग
हम इंसान हैं और हम अपने जैसे ही लोगों या फिर कुछ ऐसे जीवों को जानते हैं, जिनका खून लाल रंग का है। इंसानों के अलावा जो कशेरुकीय यानि कि Vertebrates हैं, उनके खून का रंग लाल होता है। इसकी वजह हीमोग्लोबिन नाम का प्रोटीन है, जो रक्त में बहता है। इसमें मौजूद हैम में लौह अयस्क होता है, जो ऑक्सीज़न के साथ मिलकर इसे लाल बनाता है। ये तो बात रही कशेरुकीय प्राणियों की। इनके अलावा कुछ जीव ऐसे भी हैं, जिनके खून का रंग नीला, हरा और बैंगनी भी होता है।
किन प्राणियों का खून है नीला
बता दें कि, नीले रंग का खून ज्यादातर समुद्र में पाए जाने वाले जीवों में पाए जाते है। इनमें ऑक्टोपस, स्किवज,मोलस्क, क्रस्टेशियन और स्पाइडर्स यानि मकड़ियां शमिल है। इनके खून में हीमोग्लोबिन की जगह हीमोसाइनिन बहता है. इस सबकंटेंट में लौह के बजाय कॉपर यानि तांबे की मात्रा होती है, जो ऑक्सीज़न से मिलते ही खून को नीले रंग में बदल देती है।
किनका खून होता है हरे रंग का
अब यहां क्लोरोफिल की वजह से खून का रंग नहीं बदलता, बल्कि कुछ छोटे-छोटे जीवों के खून में क्लोरोक्रूओरिन की मात्रा पाई जाती है। वैसे तो ये हीमोग्लोबिन से मिलता-जुलता सबकंटेंट है, जो ऑक्सीज़न के संपर्क में आते ही गहरे हरे रंग का हो जाता है। ये आमतौर पर शरीर को तोड़ लेने वाले कीड़ों जैसे- केंचुआ, जोंक और समुद्री केंचुआ में पाया जाता है।
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