Kedarntah Yatra: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
रुद्रप्रयाग प्रशासन ने बताया कि लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं को यात्रा फिलहाल स्थगित होने की जानकारी दी है। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और मौसम सामान्य होने तक सहयोग करने की अपील की है।
एनएच-7 पर भारी जाम
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या मदद के लिए यात्री 8958757335 और 8218326386 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आपात स्थिति में डायल 112 पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। दूसरी ओर, जोशीमठ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-7) पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में वाहनों के फंसने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और यातायात को सुचारू बनाने का प्रयास कर रही हैं।
टोकन आधारित गेट प्रणाली लागू
जाम की समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने टोकन आधारित गेट प्रणाली लागू की है। इसके तहत हर 30 मिनट के अंतराल पर एक दिशा में वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे संकरी सड़कों पर यातायात को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि हर दिन 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम और 5 से 10 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या से सड़क नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जोशीमठ से विष्णुप्रयाग तक का करीब 10 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग खराब स्थिति में है। पिछले वर्षों में हुए भू-धंसाव का असर अब भी दिखाई दे रहा है। प्रशासन का कहना है कि मौसम और सड़क की स्थिति में सुधार होते ही यात्रा को फिर से शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
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