“सर्वे और सेंसस के बीच उन्हें अंतर नहीं पता”, धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को लिया आड़े हाथों

“सर्वे और सेंसस के बीच उन्हें अंतर नहीं पता”, धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को लिया आड़े हाथों

Dharmendra Pradhan Slams Rahul Gandhi: केंद्र सरकार के द्वारा जातीय जनगणना करवाने का ऐलान करने काब क्रेडिट लेने की होड़ लगी हुई है। देश की सभी राजनीतिक दलों के द्वारा इसे अपनी उपलब्धि बताई जा रही है। बुधवार को मोदी सरकार के इस घोषणा के बाद खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता करके इसे कांग्रेस पार्टी की जीत बताई थी। साथ ही राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से जनगणना की डेडलाइन बताने की भी मांग की थी। अब राहुल गांधी के बयानों को लेकर खुद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मैदान में उतरे। उन्होंने कहा कि ये फैसला अचानक नहीं लिया गया, इसपर पिछले 11 सालों से काम चल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय हमेशा हमारी नीति का केंद्र रहा है और इसलिए ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया गया।

कांग्रेस पर बोला हमला

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस दौरान कांग्रेस और उनके नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, नेहरू जी जातीय आरक्षण के विरोधी थे। इसके लिए उन्होंने राज्यों को चिट्ठी भी लिखी थी। मंडल कमीशन लागू करने के समय बीजेपी सरकार का हिस्सा थी। इसे रोकने का काम कांग्रेस ने किया। मंडल कमीशन को लेकर राजीव गांधी का क्या रुख था सभी जानते हैं।

इसके अलावा जब धर्मेंद्र प्रधान से राहुल गांधी के द्वारा 50%आरक्षण की सीमा खत्म करने की मांग को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से लेना ही नहीं चाहिए। उन्हें सर्वे और सेंसस के बीच का अंतर भी नहीं पता। उन्होंने आगे कहा कि नेहरू और राजीव गांधी की चिट्ठियों और बयानों को पढ़कर कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए।“

Leave a comment