
Madhya Pradesh Bhojshala: मध्य प्रदेश का धार भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है। धार स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी का पर्व बेहद खास और संवेदनशील माहौल में मनाया जा रहा है। सूर्योदय के साथ ही हिन्दू पक्ष ने मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। ये पूजा सूर्यासत तक जारी रहेगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के विशेष आदेश के बाद दोहपर 1 से 3 बजे तक मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज अदा करने के लिए कहा गया है।
पूजा और नमाज के समय को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यी पीठ सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली ने हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर बड़ा फैसला सुनाया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की छूट दी गई है। जबकि मुस्लिम पक्ष को 1 से 3 बजे के बीच नमाज की अनुमति मिली है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि शांति-व्यवस्था के लिए विशेष पास और अलग-अलग स्थानों की व्यवस्था की जाए। किसी भी प्रकार की घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। धार शहर को छावनी में बदल दिया गया है।। जहां सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स और स्थानीय पुलिस के 8 हजार से ज्यादा जवान तैनात है। इसके अलावा एआई कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
भोजशाल में क्या है कार्यक्रम
भोजशाला उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन के मुताबिक, हिन्दू समाज कोर्ट के फैसले के बाद भारी उत्साहित है। सुबह 10 बजे राव चौराही से भव्य शोभा यात्रा शुरू की गई। उसके बाद मोतीबाग चौक पर विशाल धर्म सभा का आयोजन होगा। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार और स्वामी स्वदेशानंद जी सभा को संबोधित करेंगे। वहीं, दोपहर 12.45 बजे अतिथि और श्रद्धालु भोजशाला के गर्भगृह में प्रवेश कर महा आरती करेंगे।
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