Uttarpradesh Greenfield Expressway:लंबी दूरी के सफर के लिए अक्सर एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि, इससे राज्यों की कनेक्टिविटी आसान हो जाती है। लोगों को रफ्तार के साथ नए अनुभव का आनंद भी मिलता है। उत्तर प्रदेश में कई एक्सप्रेवे का निर्माण हो चुका है। अब नए ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है।
नोएडा-गाजियाबाद होते हुए कानपुर तक जाने वाला ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे 4 लेन का है। जिसे आगे 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की देखरेख में निर्माण हो रहा है। इससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से कानपुर की यात्रा 4 से 5 घंटे में पूरी हो जाएगी। कानपुर में इस लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
लोगों का सफर होगा आसान
दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की भारतमाला योजना के तहत नोएडा-गाजियाबाद–कानपुर एक्सप्रेसवे को जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कनेक्ट किया जाएगा। सिकंदराबाद बुलंदशहर और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिये जेवर एयरपोर्ट के यात्रियों को इस रूट पर कनेक्ट मिलेगा। यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक है और ये फर्रूखाबाद और कन्नौज से भी गुजरता है। यही पर निर्माणाधीन गाजियाबाद, नोएडा कानपुर एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट किया जाएगा। इससे प्रयागराज तक और वहां से विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिए बुंदेलखंड तक कनेक्ट होगा।
एनएच-9 पर निर्भरता होगी कम
अभी दिल्ली-एनसीआर से कानपुर के रास्ते यात्रियों को एनएच-9 पर भारी ट्रैफिक देखा जाता है। गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के साथ एनएच-9 और यमुना एक्सप्रेसवे पर निर्भरता कम होगी। अलीगढ़, बुलंदशहर, कन्नौज और कानपुर जैसे शहरों के बीच आवाजाही आसान हो जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य यूपी के कृषि उत्पादों, अनाज मंडियों, फूड प्रोसेसिंग केंद्रों के आसपास नए लॉजिस्टिक्स पार्क, कोल्ड स्टोरेज और आवासीय परियोजनाओं को अवसर बढ़ेगा।
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