Hyderabad News: हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) के कुछ छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को विश्वविद्यालय के आगामी दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है। छात्रों ने हाल ही में दिल्ली में NEET प्रदर्शन से जुड़ी सुनवाई के दौरान CJI की कुछ टिप्पणियों का हवाला देते हुए यह मांग उठाई है।
अभी तारीख और मुख्य अतिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं
विश्वविद्यालय ने अभी दीक्षांत समारोह की तारीख या CJI को मुख्य अतिथि बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, छात्रों का कहना है कि NALSAR में लंबे समय से दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश को मुख्य अतिथि बनाने की परंपरा रही है।
NEET प्रदर्शन के बाद बढ़ा मामला
छात्रों के बीच यह मुद्दा तब ज्यादा चर्चा में आया, जब NALSAR के कुछ विद्यार्थियों ने दिल्ली में NEET से जुड़े प्रदर्शन कर रहे छात्रों और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई। सोनम वांगचुक उस समय जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर थे। 20 जुलाई को NALSAR के कई छात्रों ने समर्थन के तौर पर एक समय का भोजन भी नहीं किया। इसके दो दिन बाद CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादती पर स्वत: संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान CJI की कुछ टिप्पणियां सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में आईं। छात्रों ने इन्हीं टिप्पणियों को अपनी आपत्ति का आधार बनाया है।
करीब 70 छात्रों ने भेजा पत्र
2026 बैच के छात्रों ने 23 जुलाई को विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार, शिक्षकों और प्रशासन को पत्र भेजकर मुख्य अतिथि के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। छात्रों के अनुसार, इस मांग को करीब 70 विद्यार्थियों का समर्थन मिला, जिनमें स्टूडेंट्स बार काउंसिल के सदस्य भी शामिल थे। छात्रों का कहना है कि उनकी आपत्ति कानूनी शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और न्याय के मूल सिद्धांतों से जुड़ी है। उनका तर्क है कि यदि किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के हालिया व्यवहार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से जुड़ी शिकायतों के प्रति असंवेदनशील माना जा रहा है, तो ऐसे व्यक्ति से डिग्री लेना उनके लिए असहज स्थिति पैदा करता है।
कई जूनियर बैच भी समर्थन में
छात्रों के मुताबिक, बाद में कई जूनियर बैच के विद्यार्थियों ने भी इस मांग का समर्थन किया। 25 जुलाई तक 2027 से 2031 बैच के करीब 380 छात्रों ने इस मांग का समर्थन किया था।
विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया का इंतजार
8 अगस्त तक विश्वविद्यालय ने छात्रों की मांग पर कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया था। दीक्षांत समारोह की तारीख भी घोषित नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांग पर जल्द जवाब नहीं मिला तो वे प्रशासन को एक सप्ताह का नोटिस देकर प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार अगस्त में समारोह होने की संभावना कम है।
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