
नई दिल्ली: दिल्ली के शालीमार बाग में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने ओवरहेड से अंडरग्राउंड नेटवर्क BH जनता फ्लैट्स के पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को लगभग तीन महीने की अवधि में पूरा किया जाएगा। इस कार्य से न केवल दिल्ली की सौंदर्य छवि को निखारा जाएगा,बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे।
परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना से शालीमार बाग के बीएच ब्लॉक जनता फ्लैट्स में रहने वाले लगभग 5500परिवार लाभान्वित होंगे और क्षेत्र की दृश्य छवि भी बेहतर होगी। 8.07करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत 5किलोमीटर लंबे HT और LT ओवर हेड तारों को हटाकर 10किलोमीटर भूमिगत LT (440V) और 1.2किलोमीटर HT (11KV) नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके साथ ही 23नए डबल सोर्स फीडर पिलर बॉक्स लगाए जाएंगे, जो बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाएंगे। क्षेत्र में नई स्ट्रीट लाइटों के लिए GI ऑक्टा गोनलपोल और CCMS स्विच लगाए जाएंगे, जिससे रात में रोशनी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस पूरी योजना के कार्यान्वयन के बाद नागरिकों को हर मौसम में 24x7बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आज शुरू किया गया यह कार्य, जिसमें ओवर हेड वायरिंग को भूमिगत किया जा रहा है, दिल्ली के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट है। यह तकनीकी विकास के साथ-साथ एक स्पष्ट विजन का प्रतीक है,जिससे राजधानी की ऊर्जा व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेगी। उन्होंने बताया कि तारों की खुली और अव्यव स्थित व्यवस्था से शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। यह परियोजना उन समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है, जिससे लोगों को एक बेहतर जीवन अनुभव मिलेगा।
अन्य क्षेत्रों में जल्दा होगा लागू- सीएम
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह तो केवल एक शुरुआत है,हमारी सरकार की योजना है कि इस पायलट प्रोजेक्ट को दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार द्वारा 100करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह राशि विभिन्न चरणों में दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी इस परियोजना के विस्तार के लिए इस्तेमाल की जाएगी। भूमिगत तारों की व्यवस्था से बिजली आपूर्ति और अधिकविश्वसनीय, सुरक्षित और कुशलबनेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर” विज़न की भावना के अनुरूप है। चाहे यमुना सफाई अभियान हो, नहरों पर सड़कों का निर्माण हो या आधुनिक नगरीय व्यवस्था — प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और समर्थन से दिल्ली को एक स्वच्छ,सुंदर और टिकाऊ राजधानी के रूप में पुनः गढ़ने का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
आधुनिकि शहर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब दिल्ली सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि एक स्मार्ट, ऊर्जा-सक्षम और हरिति ऊर्जा को अपना ने वाला आधुनिकि शहर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हर घर को निर्बाधि बिजली आपूर्ति, उद्योगों के लिए स्थायी समाधान और पर्यावरण के अनुकूल ढांचा, यहि है हमारी दिल्ली का भविष्य।
Leave a comment