
नई दिल्ली: पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन में रूसी निर्मित S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने अहम किरदार निभाया। इस पर दिल्ली में रूसी राजदूत डेनिस अलिपोव ने 28 मई 2025 को कहा कि भारत द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान रूसी निर्मित S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का उपयोग किया गया, जिसने पाकिस्तान से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों को बेअसर करने में उच्च सटीकता और प्रभावशीलता दिखाई।
रूसी राजदूत डेनिस अलिपोव ने कहा कि S-400, जिसे भारत में 'सुदर्शन चक्र' के नाम से जाना जाता है, ने अमृतसर, श्रीनगर, और पूंछ जैसे शहरों को निशाना बनाने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। यह सिस्टम 600 किमी तक लक्ष्य का पता लगा सकता है और 400 किमी की रेंज में उन्हें नष्ट कर सकता है। राजदूत ने इस प्रदर्शन को भारत-रूस रक्षा सहयोग का एक सफल उदाहरण बताया। भारत ने 2018 में रूस के साथ 5.43 बिलियन डॉलर में पांच S-400 सिस्टम खरीदने का सौदा किया था, जिनमें से पहला 2021 में पंजाब में तैनात किया गया। इस सफलता के बाद भारत ने और S-400 यूनिट्स की मांग की है, जिसे रूस जल्द मंजूर कर सकता है।
विमानों, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक सकता है S-400
हालांकि, रूसी राजदूत ने अपने मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स, जैसे S-400 या S-500, के यूक्रेन या अन्य जगहों पर प्रदर्शन के बारे में कोई विशेष टिप्पणी नहीं की। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन में S-400 की प्रभावशीलता मिश्रित रही है, जहां इसे पुराने पश्चिमी हथियारों से नष्ट किया गया। फिर भी, S-400 को विश्व के सबसे उन्नत वायु रक्षा सिस्टमों में से एक माना जाता है, जो विमानों, क्रूज मिसाइलों और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक सकता है।
Leave a comment