
Delhi News: राजधानी दिल्ली में 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। साथ ही इस कार्यक्रम को पीएम मोदी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि "जिस स्थान पर आप सब बैठे हैं वो भारत के लोकतांत्रिक सफर का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी सालों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी उस समय इसी सेंट्रल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई थी। भारत की आजादी के बाद 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। इसी हॉल में भारत के भविष्य से जुड़े अनेक निर्णय और चर्चाएं हुईं। लोकतंत्र को समर्पित इस स्थान को भारत ने संविधान सदन का नाम दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी है। जब भारत आजाद हुआ तब उस दौर में आशंका व्यक्त की गई थी कि इतनी विविधता में भारत में लोकतंत्र टिक नहीं पाएगा लेकिन भारत ने विविधता को अपने लोकतंत्र की ताकत में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। भारत में यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। भात दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन प्रोड्यूसर है। भारत दुनिया का नंबर-2 स्टील प्रोड्यूसर है। भारत में दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट है। भारत में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारत में दुनिया का तीसरा बड़ा मेट्रो रेल नेटवर्क है।
कुछ वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं- पीएम मोदी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत में लोकतंत्र की पहचान है कि वह आखिरी व्यक्ति तक फायदे पहुंचे। हम लोक कल्याण की भावना से हर व्यक्ति के लिए बिना किसी भेदभाव से काम कर रहे हैं। और इसी लोक कल्याण की भावना के कारण बीते कुछ वर्षों में भारत में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
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