यमुना की सफाई को लेकर प्रशासन सख्त, अब गंदगी डालने पर होगी कड़ी कार्रवाई

यमुना की सफाई को लेकर प्रशासन सख्त, अब गंदगी डालने पर होगी कड़ी कार्रवाई

Yamuna River: दिल्ली में अभी तक मुख्यमंत्री का नाम फाइनल नहीं हो पाया। लेकिन यमुना नदी की साफ-सफाई का काम शुरु हो चुका है। अब मुख्य सचिव धर्मेंद्र ने निर्देश दिए हैं कि यमुना में पूजा सामग्री या कूड़ा-कचरा आदि फेंकने वालों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि नदी किनारे पूजा सामग्री आदि रखने के लिए अब अलग से जगह बनाई जाएगी। उनका कहना है कि लोगों का जागरूक करना बहुत जरूरी हैं। लेकिन अगर इसके बाद भी लोग नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

लोगों को जागरुक करना जरूरी

मुख्य सचिव का कहना है कि नदी हमारी धरोहर है। इसलिए इसे गंदा करना नहीं चाहिए। नदी में पूजा सामग्री या कूड़ा-कचरा फेंकने से नदी प्रदूषित होती है। इसलिए लोगों को जागरुक करना जरूरी हैं। हमें उन्हें प्रकृति के महत्व के बारे में समझाना चाहिए। जिस दिन लोगों को ये समझ में आएगा, तब वह यमुना को गंदा करना छोड़ देंगे।

मुख्य सचिव ने कहा कि पूजा सामग्री के लिए नदी किनारे एक अलग से जगह बनाई जाएगी। उन्होंने कहा है कि हम किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते। लेकिन अगर फिर भी लोग हमारी बात नहीं समझते है तो, उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। 

कई आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल

यमुना नदी की साफ-सफाई के लिए कई आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें 4स्कीमर मशीन, 2वीड हार्वेस्टिंग मशीन, एक डीटीयू मशीन को नदी की सफाई में लगाया गया है। यमुना की साफ- सफाई का काम दिल्ली के ITO और वासुदेव घाट से शुरू किया गया है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने यमुना की साफ-सफाई के बारे में बताया कि दिल्ली सरकार शहर में सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को पूरी तरह से चालू करेगी। इसके अलावा छह नए प्लांट भी लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 तक यमुना नदी को अच्छे से साफ किया जाए।

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