अब खत्म होगा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद का सस्पेंस, 20 फरवरी को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह

अब खत्म होगा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद का सस्पेंस, 20 फरवरी को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह

Delhi New Chief Minister: दिल्ली में मुख्यमंत्री पद का सस्पेंस अब खत्म होने वाला है। विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 27साल बाद राजधानी की सत्ता हासिल करने में कामयाब रही। जिसके बाद 19फरवरी को बीजेपी विधायक दल की बैठक हो सकती है। बता दें, बीजेपी विधायक दल की बैठक आज 17फरवरी को होनी थी। लेकिन इसे केंसिल कर दिया गया। फिर मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाने के बाद 20फरवरी को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होने की उम्मीद है।

किन नामों पर हो रही चर्चा?

मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी के 48में से पन्द्रह विधायकों के नाम पर चर्चा हैं। जिसमें से करीब नौ नामों को शॉर्ट लिस्ट किया जाएगा। इसके बाद इन्हीं में से मुख्यमंत्री, मंत्री और स्पीकर पद का नाम तय होगा। बीजेपी के सूत्रों की मानें तो दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए प्रवेश वर्मा, रेखा गुप्ता, विजेंद्र गुप्ता, मोहन सिंह बिष्ट का नाम सामने आया हैं। इनके अलावा सतीश उपाध्याय, आशीष सूद, शिखा राय और पवन शर्मा भी इस रेस में मौजूद हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की रेस में जिस नाम पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उनमें प्रवेश वर्मा सबसे आगे हैं। पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा ने नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल को हराकर बीजेपी को जिताया था। बता दें, वह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। इसके अलावा आशीष सूद भी इस रेस में शामिल हैं। वह पहले पार्षद रहे हैं और दिल्ली बीजेपी के महासचिव भी रह चुके हैं। फिलहाल, वह गोवा के प्रभारी और जम्मू कश्मीर के सह-प्रभारी के रूप में नियुक्त है।

सीएम पद के लिए और भी हैं दावेदार

सतीश उपाध्याय, जो बीजेपी के ब्राह्मण चेहरा माने जाते हैं। वह भी सीएम पद के दावेदार हैं। बता दें, वह दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और दिल्ली युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके हैं। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता भी इस रेस में हिस्सा हैं। वे दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है।

गौरतलब है कि दिल्ली में बीजेपी ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर आम आदमी पार्टी को हार का रास्ता दिखाया। बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत हासिल की थी। आम आदमी पार्टी सिर्फ 22 सीटों पर ही अटक गई। तो वहीं, कांग्रेस अपना खाता भी खोल नहीं सकीं। बीजेपी की इस जीत के बाद सबका ध्यान दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस पर है। क्योंकि बीजेपी ने सीएम पद का चेहरा घोषित किए बिना ही चुनाव लड़ा था। बता दें, दिल्ली में बीजेपी ने पहली बार 1993 में जीत हासिल की थी।

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