दिल्ली में ड्रग रैकेट का पर्दाफाश, 411 किलो का गांजा जब्त; पुलिस की गिरफ्त में 4 तस्कर

दिल्ली में ड्रग रैकेट का पर्दाफाश, 411 किलो का गांजा जब्त; पुलिस की गिरफ्त में 4 तस्कर

Delhi Drug Racket: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 411किलो गांजा जब्त किया गया। क्राइम ब्रांच की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2करोड़ रुपये है। इसके साथ ही चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन दिल्ली के द्वारका से और एक मुख्य सप्लायर ओडिशा से पकड़ा गया। ऐसे में यह ऑपरेशन दिल्ली-NCR में ड्रग तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

ड्रग तस्करी का भंडाफोड़

दरअसल, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को हाल ही में एक गुप्त सूचना मिली थी कि गांजा की एक भारी खेप दिल्ली लाई जा रही है। इस इनपुट के आधार पर ASP अजय कुमार और इंस्पेक्टर संदीप यादव की अगुआई में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने द्वारका के सेक्टर-16में एक जाल बिछाया, जहां एक अशोक लेलैंड ट्रक से गांजा एक नेक्सन कार में शिफ्ट किया जा रहा था। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीन तस्करों लोकेश भारद्वाज (27), आशीष खासा उर्फ आशु (20) और मोईन खान (24) को हिरासत में लिया।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गांजा ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों से लाया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए 10जुलाई को ओडिशा में छापेमारी कर मुख्य सप्लायर श्रीकांत प्रसाद (33) को गिरफ्तार किया। बता दें, श्रीकांत बिहार का मूल निवासी है और पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है। पुलिस ने उसके पास से अतिरिक्त सबूत भी बरामद किए

कानूनी कार्रवाई और जांच

बता दें, चारों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए गहन जांच कर रही है। वहीं, DCP (क्राइम ब्रांच) अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है, और पुलिस का लक्ष्य इस नेटवर्क के हर कड़ी को उजागर करना है।

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