
Taimoor Nagar Bulldozer Action: दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके तैमूर नगर में अवैध निर्माणों के खिलाफ दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और नगर निगम (एमसीडी) की संयुक्त बुलडोजर कार्रवाई आज दूसरे दिन भी जारी रही। ये कार्रवाई सोमवार सुबह से शुरु हुई है। बता दें, यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के 28 अप्रैल, 2025 के आदेश के बाद शुरू की गई। कोर्ट ने अपने फैसले में तैमूर नगर नाले के किनारे बने अवैध अतिक्रमण को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 05 मई की सुबह 9 बजे डीडीए और एमसीडी ने दिल्ली के तैमूर नगर नाले के किनारे बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त की कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस कार्रवाई में आठ से ज्यादा बुलडोजर और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया। वहीं, दूसरे दिन भी ये कार्रवाई जारी रही। इस कार्रवाई के तहत नाले के दोनों किनारों पर फैले आधा किलोमीटर से अधिक के अवैध अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। नाले की रुकावट के कारण दक्षिण दिल्ली में बार-बार जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही थी।
हाई कोर्ट ने दिया आदेश
बता दें, जस्टिस प्रथिबा सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने 28 अप्रैल को तैमूर नगर नाले के अतिक्रमण को हटाने का सख्त आदेश दिया। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा 'तैमूर नगर नाले की रुकावट के कारण बारिश का पानी प्रभावी ढंग से निकल नहीं पा रहा। जिस वजह से जलभराव की समस्या बढ़ रही है।'
यह मामला महारानी बाग और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के निवासियों के कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद सामने आया। इस याचिका में कहा गया था कि नाले में कचरा डंपिंग और अवैध निर्माण के कारण मॉनसून में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। जिससे नाली का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है। इसके बाद कोर्ट ने एक रिपोर्ट के आधार पर ये फैसला सुनाया है।
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