
Delhi Emergency Siren: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। जिसे देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली में 110स्थानों पर जंगी सायरन लगाए जाएंगे। जिनकी आवाज 10किलोमीटर के दायरे में सुनाई देगी। बता दें, दिल्ली में 11जिले हैं। इस हिसाब से प्रत्येक जिले में 10-10ऊंचाई वाले स्थान पर जंगी सायरन लगाने का फैसला किया है। सायरन बजते ही ब्लैकआउट किया जाएगा।
दिल्ली में लगाए जाएंगे जंगी सायरन
दिल्ली प्रशासन ने 54साल बाद राजधानी में जंगी सायरन लगाने का फैसला किया है। आखिरी बार साल 1971के भारत-पाक युद्ध के दौरान दिल्ली में सायरन लगाए गए थे। प्रशासन के अनुसार, दिल्ली में 110जगहों पर जंगी सायरन लगाए जाएंगे ये सायरन मेट्रो स्टेशनों, ऊंची इमारतों, और अन्य रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक सायरन की आवाज 10किलोमीटर के दायरे में सुनाई देगी। जिससे शहर के बड़े हिस्से में आपातकालीन चेतावनी पहुँच सके।
वहीं, इन सायरन को एक केंद्रीय कमांड सेंटर से नियंत्रित किया जाएगा। जिससे एक साथ सभी सायरन सक्रिय किए जा सकें। बता दें, जंगी सायरन की टेस्टिंग आज 09मई को दोपहर 3बजे दिल्ली के पुराने लोक निर्माण विभाग (PWD) मुख्यालय, ITO, और अन्य स्थानों पर की गई। इस दौरान प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं।
अस्पतालों की छत पर बनेगा रेड क्रॉस
इसके अलावा दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को अपने सभी सरकारी अस्पतालों को आपातकालीन तैयारी के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली सरकार ने अपने 38सरकारी अस्पतालों की छतों पर रेड क्रॉस चिह्न बनाने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के तहत इन स्वास्थ्य सुविधाओं को युद्ध में संरक्षित स्थल के रूप में चिह्नित करना है।
बता दें, रेड क्रॉस, रेड क्रिसेंट, या रेड क्रिस्टल चिह्न युद्ध के दौरान अस्पतालों, मेडिकल स्टाफ, और घायलों को संरक्षित करने का प्रतीक हैं। ये चिह्न संकेत देते हैं कि ये स्थान सैन्य लक्ष्य नहीं हैं और इन पर हमला नहीं किया जा सकता।
Leave a comment