
Delhi News: दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित 2,000करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में दोनों नेताओं को समन जारी किया है। सत्येंद्र जैन को 06जून और मनीष सिसोदिया को 09जून को ACB कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। बता दें, यह मामला आम आदमी पार्टी (AAP) की पिछली सरकार के दौरान 12,748स्कूल कक्षाओं के निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ACB ने 30अप्रैल को मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-A के तहत एक FIR दर्ज की थी। दोनों नेताओं पर आरोप लगाया गया है कि AAP सरकार के कार्यकाल (2015-2016) के दौरान दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में 2,000करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। FIR में दावा किया गया कि एक क्लासरूम के निर्माण की लागत करीब 24.86लाख रुपये प्रति कमरा थी। जबकि दिल्ली में सामान्य तौर पर ऐसे कमरे 5लाख रुपये में बनाए जा सकते हैं।
मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन पर आरोप लगाया गया है कि इस परियोजना के लिए ठेके AAP से जुड़े 34ठेकेदारों को दिए गए। जिसकी लागत को 1,200रुपये प्रति वर्ग फुट से बढ़ाकर 2,292रुपये प्रति वर्ग फुट कर दिया गया। बीजेपी नेताओं हरीश खुराना, कपिल मिश्रा और नीलकांत बख्शी ने इस मामले में शिकायत दर्ज की थी। जिसमें दावा किया गया कि कुल 2,892करोड़ रुपये खर्च किए गए। जो एक बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
AAP ने किया आरोपों को खारिज
इस घोटाले के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। AAP ने इसे बीजेपी की राजनीतिक साजिश करार दिया है। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि यह मामला मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को डराने और दबाव डालने के लिए दर्ज किया गया है। खासकर तब जब हाल ही में दोनों को पंजाब AAP इकाई का प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किया गया। AAP ने दावा किया कि बीजेपी CBI और ED जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। लेकिन पार्टी के नेता ऐसी खोखली धमकियों से नहीं डरेंगे।
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