दिल्ली-यूपी और हरियाणा में भूकंप के तेज झटकों से हड़कंप, करीब 10 सेकेंड तक दिखा असर; झज्जर में था केंद्र

दिल्ली-यूपी और हरियाणा में भूकंप के तेज झटकों से हड़कंप, करीब 10 सेकेंड तक दिखा असर; झज्जर में था केंद्र

Earthquake in Delhi:गुरुवार सुबह 9:04 बजे, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर से 10 किलोमीटर उत्तर में था, और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। झटके करीब 10 सेकंड तक महसूस किए गए, जिसके चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, भिवानी, बहादुरगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ व शामली जैसे क्षेत्रों में लोग घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। झज्जर में दो मिनट के अंतराल में दो झटके महसूस किए गए—पहला सुबह 9:07 बजे और दूसरा हल्का झटका 9:10 बजे। एक दिल्लीवासी ने कहा, "झटके डरावने थे, हमें तुरंत सुरक्षा के लिए बाहर निकलना पड़ा।"

भूकंप का कारण और इसका विज्ञान
भूकंप का कारण पृथ्वी के भीतर मौजूद सात टेक्टोनिक प्लेट्स का आपस में टकराना है। ये प्लेट्स लगातार हिलती रहती हैं, और जहां ये ज्यादा टकराती हैं, वह क्षेत्र फॉल्ट लाइन कहलाता है। टकराव से प्लेट्स के किनारे मुड़ जाते हैं, और दबाव बढ़ने पर टूटने से ऊर्जा बाहर निकलती है, जिससे भूकंप आता है। भूकंप का केंद्र वह स्थान होता है, जहां से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है, और यहीं झटके सबसे तेज होते हैं। रिक्टर स्केल, जिसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहते हैं, भूकंप की तीव्रता को 1 से 9 तक मापता है। यह ऊर्जा की मात्रा और झटकों की भयावहता को दर्शाता है। यदि तीव्रता 7 या अधिक हो, तो 40 किमी के दायरे में प्रभाव गंभीर हो सकता है, हालांकि यह कंपन की दिशा पर भी निर्भर करता है।

प्रभाव और सतर्कता
इस भूकंप से फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में डर का माहौल रहा। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि भूकंप के दौरान शांत रहकर सुरक्षित स्थानों पर जाना चाहिए।

 

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