
LPG Crisis: दिल्ली सरकार ने शनिवार को आदेश जारी किया है, जिसके तहत शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की दैनिक नियंत्रित आपूर्ति को औसत खपत का लगभग 20 प्रतिशत तक सीमित किया गया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति मार्गों पर संकट और ईरान-यूएस के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष के बीच आवश्यक सेवाओं को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर को लेकर नियम
खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के अनुसार, दिल्ली में सामान्यतः रोजाना लगभग 9,000 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर बेचे जाते हैं। नए आदेश के अनुसार, अब प्रतिदिन लगभग 1,800 सिलेंडर प्राथमिकता-आधारित आवंटन तंत्र के तहत वितरित किए जाएंगे, जो तीन तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के समन्वय से संचालित होगा। आदेश में कहा गया है कि वितरण ढांचे के तहत विभिन्न सेक्टरों को आठ प्राथमिकता श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
इन्हें मिलेगी प्राथमिकता
सबसे उच्च प्राथमिकता श्रेणी में शैक्षिक संस्थान, अस्पताल, रेलवे और हवाई अड्डे शामिल हैं। इनको उनकी सेवाओं के आवश्यक होने के कारण उनकी पूरी मांग के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। दूसरी प्राथमिकता श्रेणी में सरकारी विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान शामिल हैं, जो कैंटीन चलाते हैं। रेस्तरां और खाने-पीने की दुकानों को नियंत्रित आपूर्ति में सबसे बड़ा हिस्सा 42 प्रतिशत दिया गया है। होटल, हॉस्पिटैलिटी यूनिट और गेस्ट हाउस को कम मात्रा में सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा डेयरी, बेकरी और मिठाई की दुकानों को भी उच्च खपत श्रेणी में रखा गया है।
फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट प्रणाली
इसके बाद कैटरिंग सेवाएं, बंकेट हॉल, ड्राई क्लीनिंग, पैकेजिंग यूनिट, फार्मास्युटिकल यूनिट और खेल सुविधाएं क्रमिक प्राथमिकता समूहों में शामिल हैं। आदेश के अनुसार, सिलेंडरों की आपूर्ति उपभोक्ताओं द्वारा संबंधित OMC सिस्टम के माध्यम से की गई बुकिंग अनुरोधों के अनुसार होगी। जहां तत्काल वितरण संभव नहीं होगा, वहां “फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट” प्रणाली के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कमर्शियल एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने में मदद करेगा। यह नीति वर्तमान आपूर्ति संकट के दौरान लागू रहेगी और विभाग विभिन्न सेक्टरों में वितरण और मांग के पैटर्न की लगातार निगरानी करेगा।
Leave a comment