
Madhya Pradesh News: सीहोर जिले के आष्टा में मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा की लाश घर पर फंदे से लटके मिली हैं। पुलिस की मानें तो प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। बीते 5दिसंबर को ही मनोज परमार के आष्टा और इंदौर के मकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने छापेमारी की थी। कई चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी अटैच कर लिए गए थे। मनोज परमार उस समय सुर्ख़ियों में आये थे जब कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' में उनके बच्चों ने राहुल गांधी को गुल्लक भेंट की थी।
कांग्रेस ने की जांच की मांग
मनोज और उनकी पत्नी की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आष्टा सिहोर जिला मप्र के मनोज परमार को बिना कारण ईडी द्वारा परेशान किया जा रहा था। मनोज परमार के बच्चों ने राहुल जी को भारत जोड़ो यात्रा के समय गुल्लक भेंट की थी। मनोज के घर पर ईडी के अस्सिटेंट डायरेकर भोपाल संजीत कुमार साहू द्वारा रेड की गई थी। मनोज के मुताबिक उस पर रेड इसलिए डाली गई क्योंकि, वह कांग्रेस का समर्थक है।
मैंने मनोज के लिए वकील की व्यवस्था भी कर दी थी लेकिन, बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है मनोज इतना घबरा गया था कि आज उसने व उसकी पत्नी ने आज सुबह आत्म हत्या कर ली। मैं इस प्रकरण में ईडी डायरेक्टर से जांच की मांग करता हूं।
भाजपा के दवाब में हत्याः जीतू पटवारी
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं दुर्भावना से भरी इस राजनीतिक कार्रवाई का विरोध करने आष्टा आ रहा हूं। उन्होंने कहा कि फिर दोहरा रहा हूं कि सीहोर जिले का आष्टा ईडी के आतंक का नया अड्डा बनकर सामने आया है।मनोज परमार और उनकी पत्नी ने आत्महत्या नहीं की है। भाजपा के दबाव में उनकी "सरकारी-हत्या" हुई है। वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ईडी और सीबीआई भारतीय जनता पार्टी सरकार के लिए विपरीत मानसिकता के लोगों को प्रताड़ित करने का हथियार बन चुके हैं।सीहोर के प्रतिष्ठित उद्योगपति मनोज परमार को ईडी के छापे डालकर परेशान किया गया। यह आत्महत्या नहीं सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई हत्या है।
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