
Farmer Dies Due To Electric Current: बिहार के सीतामढ़ी से इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक किसान की करंट लगने से जान चली गई लेकिन, उसका तीन दिनों तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया। हैरान करने वाली बात ये है कि शव को तीन दिनों तक फ्रीज में रखा गया, सिर्फ इसलिए की जमीन की रजिस्ट्री हो जाए। शव का अंतिम संस्कार नहीं करने का फरमान गांव की पंचायत ने सुनाया था।
मामला सीतामढ़ के सुरसंड थाना क्षेत्र की मलाही गांव का है। जहां करंट लगने के किसान की मौत के बाद उसके शव को तीन दिनों तक फ्रीजर में रखा गया। सिर्फ इसलिए कि मुआवजे में तय चार कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री हो जाए। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना 20 जनवरी की बताई जा रही है। मलाही गांव के रहने वाले किसान नई नईम अंसारी अपने खेत में गेंहू की पटवन कर रहे थे। इसी दौरान बगल के खेत में लगे नंगे बिजली के तार की चपेट में आकर उनकी मौके पर मौत हो गई।
पंचायत ने सुनाया फरमान
बताया जाता है कि यह तार मवेशियों से फसल को बचाने के लिए खेत मालिक द्वारा लगाया गया था। संबंधित खेत गांव के रत्नेश सिंह का है। घटना के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचों ने फैसला सुनाया कि खेत मालिक मृतक के परिजनों को मुआवजे के तौर पर चार कट्ठा जमीन देंगे। दोनों पक्ष सहमत हुए लेकिन, शर्त यह रखी गई की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगा, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होगा। जिसके बाद शव को फ्रीज में रखने का फैसला किया गया।
ग्रामीणों का क्या कहना
22 जनवरी को परिहार निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री मृतक के परिजनों के नाम की गई। कागजात हाथ में आते ही शव को फ्रीजर से बाहर निकाला गया और नईम अंसारी का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि मृतक के चार बेटे बाहर रहते हैं, उनके आने तक शव को सुरक्षित रखा गया था। सूचना मिलने पर सुरसंड थाना ने शव को कब्जे में ले लिया था लेकिन, परिजनों ने आपसी समझौते का हावाला देते हुए पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।
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