
UP Assistant Teachers: उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षकों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। होई कोर्ट के द्वारा शिक्षकों के भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के बाद अब बैंकों की वजह से वो परेशान हैं। जिन सहायक शिक्षकों ने बैंक से लोन ले रखा है, उन सभी से लोन रिकवरी का निर्देश दिया गया है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद बैंकों ने लोन रिकवरी की प्रक्रिया शुरु करने का फैसला लिया है। बता दें, हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती पर लोक लगा दिया था। साथ ही राज्य सरकार को फिर से मेरिट लिस्ट निकालने का निर्देश दिया था। उत्तर प्रदेश ने हाई कोर्ट के फैसले को मानते हुए अगले तीन महीने में मेरिट लिस्ट जारी करने की बात कही है।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया था?
उत्तर प्रदेश 69 हजार शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण अनियमितता का मामला लंबे समय से हाईकोर्ट में लंबित था। शिक्षक भर्ती में 19 हजार सीटों के आरक्षण को लेकर अनियमितता के आरोप लगे थे। इसमें विसंगतियों का आरोप लगाते हुए कई लोग कोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने 69000 सहायक शिक्षकों की मौजूदा सूची को गलत मानते हुए मेरिट सूची को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 3 महीने के अंदर नई मेरिट लिस्ट तैयार करने का आदेश दिया है। इसमें आरक्षण के नियमों और बेसिक शिक्षा नियमावली के तहत करने के आदेश दिए गए हैं।
कटऑफ को लेकर हुआ विवाद
7 जनवरी 2019 को यूपी सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए 150 में से 97 (65% अंक) तथा आरक्षित वर्ग के लिए 90 (60% अंक) कट-ऑफ निर्धारित किया। इस कट-ऑफ के खिलाफ कुछ अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 29 मार्च 2019 को एकल न्यायाधीश की पीठ ने आरक्षित और सामान्य वर्ग के लिए क्रमशः 40% और 45% अंक कट-ऑफ निर्धारित किए। हालांकि, उसी साल 6 मई को एक खंडपीठ ने सरकार के पहले वाले एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को बरकरार रखा।
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