कोयले से बिजली कैसे बनती है, अगर नहीं पता तो इस खबर को जरूर पढ़े

कोयले से बिजली कैसे बनती है, अगर नहीं पता तो इस खबर को जरूर पढ़े

नई दिल्ली: इन दिनों पूरा भारत कोयले की कमी से जूझ रहा है। जानकारी के अनुसार कई प्लांट्स में कुछ ही दिन का स्टॉक बचा हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कोयले की कमी के चलते देश में बिजली संकट गहरा सकता है। वहीं केंद्र और राज्य सरकारें हालात को नियंत्रित करने में जुटी हैं, लेकिन ये बात बहुत कम जानते हैं कि कोयले से बिजली कैसे बनती है

आइए हम आपको आज इससे अवगत करवाते हैं

देश में जगह-जगह कोयले से बिजली बनाने के थर्मल प्लांट लगे हुए हैं। बता दें कि सबसे पहले कोयले की खदानों से कोयला निकाला जाता है। इसके बाद ये कोयला रेलगाड़ियों की मदद से थर्मल प्लांट पहुंचता है। इन थर्मल प्लांट में कोल फील्ड होता है, जहां रेलगाड़ियों से निकालकर कोयला इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद एक मशीन की मदद से कोल फील्ड से यह कोयला क्रशर मशीन तक पहुंचाया जाता है। इस क्रशर मशीन में कोयला को तोड़कर बारीक कर दिया जाता है। क्रशर मशीन से निकलने के बाद कोयला दूसरी क्रशर मशीन में पहुंचता है, जहां यह कोयला चूर्ण की तरह बारीक पीसा जाता है।

इसके बाद इस कोयले के चूर्ण को भट्टी नुमा बॉयलर में डाला जाता है, जहां से इस चूर्ण में से हल्के कण आग में जलकर राख के रूप में ऊपर उठते हैं और भारी कण नीचे गिर जाते हैं। नीचे गिरे कणों को सीमेंट फैक्ट्रियों को दे दिया जाता है, जिससे सीमेंट बनता है। वहीं ऊपर उठे कोयले के धुआं भट्टी के ऊपर बने पानी के छोटे-छोटे पाइप से टकराता है. जिससे पानी से भरे ये छोटे-छोटे पाइप गर्म हो जाते हैं और इससे भाप बनती है।

एक पाइप के जरिए ये भाप बड़े-बड़े टरबाइन तक जाती है। जिसके बाद भाप की शक्ति से ये टरबाइन तेजी से घूमते हैं और इनके घूमने से बिजली बनती है।

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