छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का मनोबल हुआ चकनाचूर, बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद 18 माओवादियों का आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का मनोबल हुआ चकनाचूर, बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद 18 माओवादियों का आत्मसमर्पण

Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ क्षेत्र में एक बड़े ऑपरेशन में नक्सलियों के शीर्ष नेता और 1.5करोड़ रुपये के इनामी बसवा राजू के मारे जाने के बाद नक्सली खेमे में खलबली मच गई है। इसी ऑपरेशन के तहत दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर 39लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर सहित 18नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह घटना नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता के रूप में देखी जा रही है।

नक्सलियों के शीर्ष नेता का एनकाउंटर

दरअसल, 21मई को नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन के तहत सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन में माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और महासचिव और .5करोड़ रुपये के इनामी बसवा राजू सहित 27से अधिक नक्सलियों को मार गिराया गया।

बता दें, यह एनकाउंटर छत्तीसगढ़ पुलिस की डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी), CRPF और कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई थी। जिसने नक्सलियों के एक बड़े ठिकाने को निशाना बनाया। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने इन ठिकानों से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की थी।

18नक्सलियों का आत्मसमर्पण

बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद से ही नक्सलियों में दहशत का माहौल है। इस डर का असर 26मई को तब देखा गया, जब दंतेवाड़ा और बीजापुर में 39लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर सहित 18नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में कई नक्सली ऐसे थे, जो संगठन की मध्य और निचले स्तर की कमान संभाल रहे थे।

पुलिस की मानें तो आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने बताया कि बसवा राजू के मारे जाने के बाद संगठन में नेतृत्व का संकट गहरा गया है। सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाइयों और अबूझमाड़ जैसे उनके गढ़ में घुसपैठ ने नक्सलियों के बीच डर पैदा कर दिया है। वहीं, आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास और आर्थिक सहायता का वादा किया गया है। जिसके तहत उन्हें रोजगार और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

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