Char Dham Yatra: रविवार, 19 अप्रैल से चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। इस दिन यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद केदारनाथ धाम 22 अप्रैल को और बद्रीनाथ धाम 23 अप्रैल को खुलेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मौजूद रहेंगे। इस साल यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। शनिवार शाम तक करीब 18.9 लाख लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इनमें सबसे ज्यादा 6.5 लाख पंजीकरण केदारनाथ के लिए हुए हैं। बद्रीनाथ के लिए 5.5 लाख, गंगोत्री के लिए 3.3 लाख और यमुनोत्री के लिए 3.2 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अलावा 4,766 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया।
प्रशासन की तैयारी पूरी
परंपरा के अनुसार गंगा और यमुना देवी की डोलियां अपने शीतकालीन निवास मुखबा और खरसाली से रवाना हो चुकी हैं। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर इनकी मूर्तियों को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है और प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी व्यवस्था की गई है।
बर्फ हटाने का काम तेजी से हो रहा
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर बर्फ हटाने का काम तेजी से चल रहा है। लगभग 90 प्रतिशत बर्फ साफ की जा चुकी है और बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। बद्रीनाथ धाम में भी अंतिम तैयारियां जारी हैं।
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य का रखा जाएगा ध्यान
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधा के लिए 1,350 डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं। खासतौर पर केदारनाथ और यमुनोत्री के ट्रैक मार्गों पर ज्यादा व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 33 स्वास्थ्य जांच केंद्र और 25 मेडिकल राहत पोस्ट भी बनाए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित होगी, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकेंगे।
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