Haryana Election: कांग्रेस का बड़ा फैसला, दागी और दो बार हार चुके नेताओं को नहीं मिलेगा टिकट, दलबदलू नेताओं का भी सपना टूटा

Haryana Election: कांग्रेस का बड़ा फैसला, दागी और दो बार हार चुके नेताओं को नहीं मिलेगा टिकट, दलबदलू नेताओं का भी सपना टूटा

Haryana Election: हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पार्टी ने सांसदों को टिकट न देने के फैसले के बाद अब दो बार या इससे अधिक बार चुनाव हार चुके दावेदारों और दागी नेताओं को भी टिकट न देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, जिन नेताओं ने पिछले एक साल में पार्टी में प्रवेश किया है, उन्हें भी टिकट नहीं मिलेगा। कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी दीपक बाबरिया ने इस फैसले की पुष्टि की है।

स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक गुरुवार को दिल्ली में जारी रही। पहले दिन की बैठक में, कांग्रेस ने साफ कर दिया कि विधानसभा चुनाव में किसी भी सांसद या राज्यसभा सदस्य को टिकट नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, दो या अधिक बार विधानसभा चुनाव हार चुके दावेदारों की भी टिकट की उम्मीदें खत्म कर दी गई हैं। नए नेताओं को भी टिकट नहीं मिलेगा जिन्होंने कांग्रेस में एक साल या उससे कम समय पहले प्रवेश किया है।

पैनल में एक नाम रखने की योजना

स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के दूसरे दिन, अध्यक्ष अजय माकन और सदस्यों मणिकम टैगोर, जिग्नेश मेवानी, और श्रीनिवास बीवी के साथ प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया, प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी भाग लिया। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कांग्रेस हाईकमान के पास प्रत्येक विधानसभा सीट के पैनल में केवल एक नाम भेजा जाएगा। यह कदम टिकट वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है।

दागी उम्मीदवारों को बाहर रखने का नीतिगत निर्णय

दीपक बाबरिया ने बताया कि पार्टी ने उन दागी चेहरों को भी चुनावी दंगल से बाहर रखने का फैसला किया है जिनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं। दो बार चुनाव हार चुके और जमानत जब्त कर चुके उम्मीदवारों को टिकट न देने का निर्णय भी पहले ही लिया जा चुका है। इस बार पार्टी ने दागी उम्मीदवारों पर विशेष ध्यान दिया है। आवेदन करने वाले व्यक्तियों से उनकी बूथ कमेटियों की सूची भी मांगी गई थी, और जिन दावेदारों ने यह सूची जमा नहीं की है, उनके नाम पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ने की संभावना

कांग्रेस के इस फैसले से कई नेताओं की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। पिछले एक साल में पार्टी में शामिल हुए 20 से अधिक पूर्व विधायकों को इस फैसले से कठिनाई हो सकती है। कांग्रेस का यह नया निर्णय पार्टी के टिकट वितरण में कठोरता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के प्रयास का हिस्सा है, और इसका उद्देश्य उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना है जिन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और लंबी सेवा की है।

इस नई नीति के तहत, कांग्रेस हरियाणा विधानसभा चुनाव में पुराने और भरोसेमंद नेताओं को तरजीह दे रही है, जबकि नए और विवादित चेहरों को बाहर रखा जा रहा है। इस कदम से पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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