अस्पताल से डिस्चार्ज होते सैफ अली खान को बड़ा झटका, जब्त हो सकती है 15000 करोड़ की संपत्ति

अस्पताल से डिस्चार्ज होते सैफ अली खान को बड़ा झटका, जब्त हो सकती है 15000 करोड़ की संपत्ति

Saif Ali Khan's Family Property: गुरुवार 16जनवरी की आधी रात को बॉलीवुड एक्‍टर सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ। इस हमले में उन्हें गर्दन और रीढ़ की हड्डी के पास गहरी चोट लगी थी। जिसके बाद उन्हें दो बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा। लेकिन अब पांच दिनों बाद सैफ लीलावती अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं। लेकिन इसी बीच सैफ को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में मौजूद पटौदी खानदान की 15हजार करोड़ की संपत्ति पर सरकार कब्जा कर सकती है। 

15000Cr की संपत्ति हो सकती है जब्त

बताया जा रहा है कि सैफ के पटौदी परिवार की पुश्तैनी संपत्तियां जल्द ही केंद्र सरकार के नियंत्रण में आ सकती हैं। ये सभी प्रॉपर्टीज मध्यप्रदेश के भोपाल में हैं। जिसकी कीमत 15,000करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन पर लगा स्टे का आदेश मध्यप्रदेश की हाई कोर्ट ने ने हटा दिया है। जिसके बाद अब शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968के तहत इनका अधिग्रहण केंद्र सरकार द्वारा किया जा सकता है।

इन संपत्तियों का क्या है राज?

भोपाल रियासत नवाबों की संपत्ति थी। इसी कड़ी में भोपाल रियासत के आखिरी नवाब हमीदुल्ला खान थे, जिनका 1960में इंतकाल हो गया था। इसके बाद भोपाल नवाब की सारी संपत्ति का वारिस उनकी बेटियां हो गईं। इनमें से एक का नाम आबिदा सुल्तान था और दूसरी का नाम साजिदा सुल्तान था। आबिदा सुल्तान 1950में ही भारत छोड़कर पाकिस्तान चली गई थी। सबिया सुल्तान का विवाह पटौदी रियासत के नवाब से हुआ था।

इसी बीच में भोपाल की कई बड़ी संपत्तियों का सौदा निजी लोगों को कर दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद लगभग 15000करोड़ रुपए की संपत्ति में बची हुई थी। साल 2015में मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल में नवाब की खाली पड़ी संपत्ति को शत्रु संपत्ति मानते हुए अधिग्रहित करने का नोटिस जारी किया। बता दें, मौजूदा समय में इस संपत्ति का मालिक पटौदी खानदान के वारिस फिल्म अभिनेता सैफ अली खान और उनका परिवार है।

क्या है शत्रु संपत्ति अधिनियम?

शत्रु संपत्ति अधिनियम (Enemy Property Act) के तहत भारत सरकार उन लोगों की संपत्तियों पर दावा कर सकती है। जो 1947में बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे और सैफ अली खान के पटौदी परिवार की भोपाल की संपत्तियां भी इसी श्रेणी में आती हैं।

मामले में हाई कोर्ट ने क्या कहा?

बता दें, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने साल 2015में इस मामले की सुनवाई तब शुरू की थी, जब मुंबई स्थित Enemy Property Custodian Office की ओर से भोपाल के नवाब की जमीन को सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया गया था।इसके बाद पटौदी फैमिली को नोटिस भी जारी किया गया था। इसके जबाव में सैफ अली खान ने इस नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी और संपत्ति पर स्टे ले लिया।

जिसके बाद स्टे की ये 30 दिन की अवधि 13 जनवरी 2025 को पूरी हो रही थी। लेकिन तब सैफ अली खान की तरफ से हाई कोर्ट के इस आदेश को चुनौती नहीं दी गई। इसलिए फिलहाल सरकार के पास यह स्वतंत्रता है कि वह इस संपत्ति को अधिग्रहित कर सकती है।

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