Bullet Train Route: केंद्र सरकार ने देश की दूसरी बड़ी हाईस्पीड रेल परियोजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। यह हाई स्पीड रेल परियोजना दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगी। इसके बनने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी तक का करीब 1500 किलोमीटर लंबा सफर महज 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोरों को जोड़ने की तैयार
यह परियोजना दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोरों को जोड़कर तैयार की जाएगी। पहला हिस्सा दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर होगा, जबकि दूसरा वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल किया है।
कॉरिडोर को बढ़ाने की संभावना
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नई दिल्ली से चलकर नोएडा (जेवर एयरपोर्ट), मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर और पटना होते हुए सिलीगुड़ी पहुंचेगी। सिलीगुड़ी का स्टेशन न्यू जलपाईगुड़ी के पास बनाया जा सकता है। भविष्य में इस कॉरिडोर को असम के गुवाहाटी तक बढ़ाने की भी संभावना जताई गई है।
दिल्ली से वाराणसी का सफर होगा आसान
बुलेट ट्रेन की गति 250 से 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी। इसके चलते दिल्ली से वाराणसी का सफर लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो सकेगा। वहीं दिल्ली से पटना करीब 4 घंटे 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। वाराणसी से सिलीगुड़ी की यात्रा भी लगभग 3 घंटे से कम समय में पूरी होने का अनुमान है। रेल मंत्री ने कहा कि यह परियोजना उत्तर भारत को पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार सिलीगुड़ी से जोड़ेगी। इससे यूपी और बिहार जैसे बड़े राज्यों के यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी और प्रमुख रेल मार्गों पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
चिकन नेक कॉरिडोर
सिलीगुड़ी को "चिकन नेक कॉरिडोर" भी कहा जाता है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र है। बुलेट ट्रेन शुरू होने से पर्यटन, व्यापार और सेना की आवाजाही को भी लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रारंभिक कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में कई रेल परियोजनाओं को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
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