पाकिस्तानी परमाणु कमांड सेंटर तक पहुंची ब्रह्मोस! सीजफायर के पीछे की असली कहानी आई सामने

पाकिस्तानी परमाणु कमांड सेंटर तक पहुंची ब्रह्मोस! सीजफायर के पीछे की असली कहानी आई सामने

India Pakistan Ceasefire: भारत और पाकिस्तान के बीच 4 दिनों तक चले अघोषित युद्ध के बाद सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। सीजफायर घोषित होने के बाद भी पाकिस्तान की ओर से ड्रोन भारतीय सीमा में आई, लेकिन भारतीय सेना की सख्ती के बाद हालात सुधरते नजर आ रही है। रविवार को LOCपर हालात सामान्य रहा। सोमवार को दोबारा दोनों देशों के बीच DMGOस्तर पर बातचीत होने वाली है। हालांकि, इस बीच चर्चा ये तेज हो गई हैकि आखिरकार कैसे पाकिस्तान महज चार दिनों में ही घुटनों पर आ गया?क्या पाकिस्तानी सेना भारतीय वायु सेना के द्वारा एयरबेसों पर किए गए स्ट्राइक से डर गया या फिर इसके पीछे कोई और बात है?

एक स्ट्राइक ने बदली पूरी तस्वीर

7 मई को जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान में 9 आतंकी अड्डों को तबाह किया था तब पाकिस्तान पूरी तरह बौखला गया था। जिसके बाद पाकिस्तानी सेना के द्वारा मिसाइलों और ड्रोन से लगातार भारतीय नागरिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाक की ओर से 8 और 9 की दरमियानी रात जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया। जिसके जवाब में भारतीय सेना ने PAKको करारा जवाब दिया। लोकिन इस संघर्ष में असल मोड़ तब आया जब 9 मई की रात को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। भारतीय सेना ने रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियन सहित कई अन्य सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला किया। इस जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तानी सेना की कमर तोड़ दी। लेकिन पाकिस्तान से अंदर सबसे अधिक हलचल नूर खान एयर बेस को लेकर मची।

नूर खान एयरबेस तबाह होने से क्यों मची हलचल?

जब भारतीय सेना की ब्रम्होस मिसाइल के निशाने पर नूर खान एयरबेस आया तब पाकिस्तान की सेना और सरकार में हलचल मच गई। दरअसल, नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 10 किलोमीटर की दूरी पर है। इस्लामाबाद सिर्फ राजधानी नहीं है बल्कि यही से पूरे पाकिस्तान पर सैन्य शासन चलाया जाता है। ऐसे में जब तमाम पाकिस्तानी एयर डिफेंस को धता बताकर ब्रम्होस ने नूर खान एयरबेस को तबाह कर दिया तब पाकिस्तान घुटनों पर आया। इसके अलावा इसी एयरबेस से चंद दूरी पर पाकिस्तान के स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिविजन और नेशनल कमांड अथॉरिटी का मुख्यालय है, जो देश के लगभर 170 परमाणु हथियारों की सुरक्षा और संचालन की जिम्मा संभालता है। जब पाकिस्तान को ये समझ आ गया कि भारतीय मिसाइलों के निशाने पर उनकी परमाणु कमांड सेंटर है, तब उन्होंने सीजफायर करने का निर्णय लिया।

अमेरिका भी डरा!

जब नूर खान एयरबेस पर भारतीय मिसाइल हमले की बात अमेरिका तक पहुंची, तब वहां के भी नेता हिल गए। इसीलिए 24 घंटों पहले तक जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार भारत-पाक तनाव में पड़ने से हिचकिचा रहे थे, उन्होंने दोनों देशों से लगातार वार्ता करके सीजफायर करवाया। ट्रंप को परमाणु युद्ध की आशंका लगने लगी थी क्योंकि सभी सुरक्षा प्रणालियों को भेदते हुए ब्रम्होस पाकिस्तानी परमाणु कमांड सेंटर तर पहुंच गई थी। 9 मई की रात भारत के द्वारा किए गए भीषण हमलों के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार और सेना से सीजफायर को लेकर बात किया। इसके बाद PAK DGMO ने भातीय DGMO से सीजफायर को लेकर बात की। हालांकि, भारत ने अपने शर्तों पर सीजफायर किया।

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