हत्याओं का सीजन हैं मई-जून... इसलिए किसान करते हैं मर्डर, बिहार क्राइम पर ADG की अजीबोगरीब टिप्पणी

हत्याओं का सीजन हैं मई-जून... इसलिए किसान करते हैं मर्डर, बिहार क्राइम पर ADG की अजीबोगरीब टिप्पणी

ADG On Bihar Crime:बिहार में बढ़ते अपराध और हत्याओं की घटनाओं के बीच बिहार पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) कुंदन कृष्णन का एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। 17जुलाई को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ADG कुंदन कृष्णन ने कहा 'अप्रैल, मई और जून के महीनों में बिहार में हत्याओं की संख्या बढ़ जाती है। क्योंकि इस दौरान किसानों के पास कोई काम नहीं होता, जिसके कारण वे अपराध की ओर प्रवृत्त होते हैं।' इस बयान ने न केवल बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि किसानों को अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराने की उनकी टिप्पणी ने व्यापक आलोचना को जन्म दिया है।

ADG का बयान

ADG कुंदन कृष्णन ने बिहार में हाल के महीनों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, विशेष रूप से हत्याओं, पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा 'अप्रैल, मई और जून में हत्याएं ज्यादा होती हैं। इस दौरान किसानों के पास खेती का कोई काम नहीं होता, इसलिए वे अपराध में शामिल हो जाते हैं। युवा शूटर बन रहे हैं और सुपारी किलिंग जैसे अपराधों में लिप्त हो रहे हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ समय में बिहार में 'मर्डर सीजन' जैसा चलन देखने को मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस बेतुका बयान में किसानों को गुनहगार के रुप में पेश किया गया है।

ADG के बयान पर विवाद

ADG कुंदन कृष्णन के बयान को कई लोगों ने गैर-जिम्मेदाराना और किसानों का अपमान करने वाला बताया। सोशल मीडिया पर लोग इस बयान की तीखी आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा 'ADG साहब किसानों को हत्यारा बता रहे हैं, जबकि बिहार में जंगल राज की स्थिति सरकार और पुलिस की नाकामी का सबूत है।'एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, 'किसानों को बदतमीज करने की जगह पुलिस को अपराध रोकने पर ध्यान देना चाहिए।'

राजनीतिक दलों ने भी इस बयान को लेकर नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने इस बयान को किसानों के प्रति अपमानजनक बताते हुए ADG के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। RJD प्रवक्ता ने कहा 'यह बयान बिहार के किसानों का अपमान है। नीतीश सरकार अपराध को नियंत्रित करने में नाकाम रही है, और अब इसका ठीकरा किसानों पर फोड़ा जा रहा है।' वहीं, BJP के कुछ नेताओं ने इस बयान को व्यक्तिगत राय बताते हुए मामले को शांत करने की कोशिश की।

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