विपक्ष का काले कपड़े पहन...सड़क से सदन तक प्रदर्शन, SIR विवाद ने बिहार विधानसभा को बनाया युद्ध का मैदान; सत्ता पक्ष का पलटवार

विपक्ष का काले कपड़े पहन...सड़क से सदन तक प्रदर्शन, SIR विवाद ने बिहार विधानसभा को बनाया युद्ध का मैदान; सत्ता पक्ष का पलटवार

SIR Controversy In Bihar Assembly: बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र का दूसरा दिन हंगामे और विरोध प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया। सत्र के दौरान विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। विपक्षी दलों, खासकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों ने SIR को 'चुनावी चोरी' और 'लोकतंत्र पर हमला' करार देते हुए जमकर हंगामा किया और मांग किया कि इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। जिसके लिए विपक्षी विधायकों ने सदन के अंदर ही नहीं, बल्कि विधानसभा के बाहर भी स्पीकर नंद किशोर यादव के कक्ष के सामने नारेबाजी की।

SIR विवाद पर विपक्ष का आरोप

SIR पर छिड़े विवाद पर विपक्ष का कहना है कि SIR के नाम पर बिहार में मतदाता सूची से गरीब, दलित, महादलित और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसे 'लोकतंत्र का गला घोंटने' की साजिश बताया। उन्होंने कहा अगर सरकार और स्पीकर इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं देते, तो विपक्ष 'सदन से सड़क तक' संघर्ष करेगा।

तेजस्वी ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। यह निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) जैसे कदम से जोड़ते हुए कहा कि यह प्रक्रिया आम जनता, खासकर कमजोर वर्गों को परेशान कर रही है।

काले कपड़े पहनकर विपक्ष का प्रदर्शन

विपक्षी विधायकों ने काले कपड़े पहनकर और 'SIR: Stealing Indian Rights' जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड्स के साथ विरोध-प्रदर्शन शुरु किया। उन्होंने विधानसभा के मुख्य द्वार पर धरना दिया और स्पीकर को अपने कक्ष में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और विपक्षी विधायकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।

सत्ता पक्ष का जवाब

दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि SIR एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को नया बनाना है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने और अनावश्यक हंगामा करने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष ने यह भी दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे को भुनाकर आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।

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