Gujarat News: गुजरात की राजधानी गांधीनगर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक नायब मामलतदार और पूर्व पटावाला को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई फिल्मी अंदाज में गांधीनगर कोर्ट पार्किंग के पास की गई, जिससे सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, नायब मामलतदार बिपिन चंद्र परमार और सेवानिवृत्त पटावाला दिनेश वालंद ने एक शिकायतकर्ता से प्रॉपर्टी कार्ड (Property Card) से जुड़ा काम करने के बदले में 9.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप था कि वे दस्तावेजों में किसी भी तरह की आपत्ति न लगाने और काम को जल्द मंजूरी देने का आश्वासन दे रहे थे।
शिकायतकर्ता ने शेयर की जानकारी
लंबी बातचीत के बाद यह रकम 4.50 लाख रुपये पर तय हुई। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने तुरंत एसीबी से संपर्क किया और पूरी जानकारी साझा की। इसके बाद एसीबी ने योजना बनाकर जाल बिछाया। एसीबी की टीम ने पहले से ही कोर्ट पार्किंग क्षेत्र में निगरानी शुरू कर दी थी। जैसे ही शिकायतकर्ता की गाड़ी में आरोपियों ने 4.50 लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया। इस अचानक कार्रवाई से आरोपी कुछ समझ पाते उससे पहले ही गिरफ्तार हो गए।
मामला हुआ दर्ज
फिलहाल, एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब ये जांच कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या ये किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। इस घटना के बाद सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच डर का माहौल बन गया है। एसीबी अधिकारियों ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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