
Fact News: इंसान चंद्रमा से लेकर मंगल तक पहुंच चुका हैं। यहां तक कि दूसरे ग्रहों पर कॉलोनी बसाने की बात हो रही है, लेकिन अपनी ही धरती पर मौजूदा समुद्र को अब तक पूरी तरह नहीं खंघाल सका हैं। ऐसा माना जाता है कि समुद्र की गहराई को मापना अंतरिक्ष में जाने से कहीं ज्यादा रहस्यों से भरा और कई गुना खतरनाक हैं। ऐसे में रिटायर्ड नौसेना अधिकारी जोसेफ डिटुरी को एक महत्वपूर्ण शोध के लिए तीन महीने से भी ज्यादा समय तक पानी के अंदर रहने के लिए कहा गया था।
वैज्ञानिकों के अध्ययन में किया ये खुलासा
बता दें कि वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि दबाव वाले वातावरण में पानी के नीचे रहने का मानव शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है। चौंकाने वाली बात ये है कि वैज्ञानिक यह जानकर हैरान रह गए कि अटलांटिक महासागर की गहराई में तीन महीने से भी ज्यादा समय रहने के बाद बाहर निकलने पर डिटुरी की उम्र 10 साल कम हो गई थी। चिकित्सीय जांच के बाद पता चला कि डिटुरी के टेलीओमीयर तीन महीने पहले की तुलना में 20 प्रतिशत लंबे हो गए थे। टेलीओमीयर गुणसूत्रों के अंत पर पाए जाने वाले डीएनए के कवर होते हैं और जिनकी लंबाई उम्र बढ़ने के साथ कम होती जाती हैं। टेलीओमीयर लंबे होने के अलावा,डिटुरी की स्टेम सेल की संख्या भी बढ़ गई थी, उनकी पूरी सेहत में एक अद्भुत और शरीर में सूजन पैदा करने वाले तत्वों की मात्रा आधी हो गई।
गौरतलब है कि उनका कहना है कि हमें ऐसी जगहों की जरूरत है जहां बाहरी दुनिया से कोई संपर्क न हो। लोगों को दो हफ्ते के वेकेशन पर यहां भेजा जाए, जहां उनके पैर साफ किए जाएं, वो आराम करं और हाइपरबैरिक दवा के फायदे उठा सकें। हाइपरबैरिक दवा का मतलब है कि ज्यादा दबाव वाली परिस्थिति में ऑक्सीजन देना। आगे उन्होंने बताया कि पानी के अंदर रहने के दौरान वह हफ्ते में पांच दिन सिर्फ एक्सरसाइज बैंड की मदद से एक घंटे से ज्यादा वर्कआउट करते थे। अपने 93 दिन के इस प्रयास के दौरान जोसेफ डिटुरी ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने पानी के अंदर रहने का जो पहले का विश्व रिकॉर्ड था,उसे तोड़ दिया, जो रिकॉर्ड 73 दिन का था।
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