Student Protest: सामाजिक कार्यकर्ता और गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया है। अन्ना हजारे जल्द ही अहिल्यानगर पहुंचकर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। उनके करीबी सहयोगियों ने इसकी जानकारी दी है। अन्ना हजारे ने एक बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा कि वह देश के बड़े और सम्मानित नेता हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को यह समझना चाहिए कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। अन्ना ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।
अन्ना हजारे ने जताया दुख
संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुए टकराव पर अन्ना हजारे ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने 22 आंदोलन किए हैं, लेकिन किसी भी आंदोलन में हिंसा नहीं हुई। उनका कहना है कि लोकतंत्र में आंदोलन हमेशा अहिंसा और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। अन्ना हजारे ने कहा कि जो लोग दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जो घटना हुई, वह सही नहीं थी।
टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए- अन्ना हजारे
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अन्ना हजारे ने कहा कि जनता देश की असली मालिक है और सरकार तथा अधिकारी जनता के सेवक हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती होती है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इससे पहले अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी गड़बड़ी के लिए केवल छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। अगर सरकार अच्छे कामों का श्रेय लेती है तो विफलताओं की जिम्मेदारी भी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।
सरकार से की अपील
अन्ना हजारे ने आगे कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को गंभीरता से देखने की जरूरत है। उन्होंने परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं से छात्रों में बढ़ रही निराशा पर चिंता जताई। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन मामले पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बिना बातचीत के किसी प्रदर्शन को खत्म करना सही तरीका नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह प्रदर्शनकारियों की बात सुने और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकाले। अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि जनता की आवाज को राजनीतिक विरोध न समझा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को गांधीवादी विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना चाहिए।
Also read: चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी फंड घोटाला में CBI का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़-लुधियाना में 5 ठिकानों पर की गई छापेमारी