
नई दिल्ली: तुर्की के इस्तांबुल के इस्ताबुल में रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत हुई। इस बैठक में भले युद्ध रोकने पर कोई फैसला नहीं हुआ, लेकिन 6 हजार मृत सैनिकों के शवों की अदला-बदली पर सहमति बन चुकी है। इसके साथ ही गंभीर रूप से घायल और 18-25 वर्ष के युवा युद्धबंदियों की रिहाई पर भी सहमति बनी।
इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि दोनों पक्ष तुर्की के माध्यम से दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और युद्धबंदियों की नई अदला-बदली की योजना पर काम शुरू हुआ है। हालांकि, युद्धविराम (सीजफायर) पर कोई समझौता नहीं हो सका, और दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं।जानकारी के अनुसार, रूस ने युद्धविराम के लिए शर्तें रखीं, जैसे यूक्रेन द्वारा चार क्षेत्रों से सेना हटाना और तीसरे देशों की सैन्य उपस्थिति पर प्रतिबंध, जिन्हें यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने अस्वीकार कर दिया। वार्ता में रूस के प्रतिनिधि व्लादिमीर मेडिंस्की ने 2-3 दिन के सीमित युद्धविराम का प्रस्ताव रखा ताकि शवों की अदला-बदली हो सके, लेकिन व्यापक युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी।
रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी
आपको बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। यूक्रेन ने हाल ही में रूस के हवाई ठिकानों पर ड्रोन हमले किए, जिससे रूस को भारी नुकसान हुआ, जबकि रूस ने यूक्रेन के शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही, और शांति वार्ता के बावजूद तत्काल युद्धविराम की संभावना कम है।फिलहाल,6,000 सैनिकों के शवों की अदला-बदली और युद्धबंदियों की रिहाई पर सहमति एक सकारात्मक कदम है, लेकिन युद्धविराम पर असहमति के कारण युद्ध के जल्द थमने की उम्मीद नहीं है।
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