
Ajit Pawar News: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को बताया कि नगालैंड में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सात विधायकों ने वहां की सत्तारूढ़ पार्टी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) में इसलिए शामिल होने का फैसला किया क्योंकि उन्हें 'काम नहीं हो पाने की वजह से असंतोष' था। शनिवार को नगालैंड की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ जब एनसीपी के सभी सात विधायक मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की अगुवाई वाली एनडीपीपी में शामिल हो गए।
विधानसभा चुनाव का परिणाम और परिवर्तन
2023 के विधानसभा चुनावों में एनसीपी ने नगालैंड में अच्छा प्रदर्शन करते हुए तीसरे नंबर की पार्टी बनने में सफलता पाई थी। एनडीपीपी और उसकी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी पहले और दूसरे स्थान पर रही थीं। भाजपा ने उस चुनाव में 12सीटें जीती थीं। वहीं जुलाई 2023में जब अजित पवार महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हुए, तब एनसीपी में विभाजन हो गया। इसके बाद नगालैंड में पार्टी के सातों विधायकों ने अजित पवार का साथ चुना, ना कि एनसीपी के संस्थापक शरद पवार का।
विधायकों की नाराजगी पर अजित पवार की प्रतिक्रिया
पुणे में मीडिया से बातचीत करते हुए अजित पवार ने कहा, 'करीब दो महीने पहले सभी विधायक मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा कि वहां उनका कोई काम नहीं हो पा रहा है। यह बात सही है कि वे असंतोष में थे। उन्हें लग रहा था कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही।'
कौन-कौन हैं ये सात विधायक:
नमरी नचांग – टेनिंग
पिक्टो शोहे – अतोइजु
वाई. महोनबेमो हम्त्सोए – वोखा टाउन
वाई. मानखाओ कोन्याक – मॉन टाउन
ए. पोंगशी फोम – लॉन्गलेंग
पी. लांगोन – नोकलक
एस. टोइहो येप्थो – सुरहोटो
नगालैंड विधानसभा का ताजा हाल:
एनडीपीपी: 32विधायक
भाजपा: 12विधायक
एनपीपी: 5विधायक
एलजेपी (रामविलास): 2विधायक
नागा पीपुल्स फ्रंट: 2विधायक
आरपीआई (अठावले): 2विधायक
जेडीयू: 1विधायक
निर्दलीय: 4 विधायक
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