
Gujarat Flood: गुजरात में भीषण बारिश के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। करीब 40 हजार से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं। NDRF, SDRFऔर सेना के जवान लगातार राहत बचाव कार्य में लगे हुए हैं। इस बीच एक और चिंता की खबर सामने आई है। अब गुजरात पर असना चक्रवात का खतरा मंडराने लगा है। असना चक्रवात का असर सौराष्ट्र और कच्छ पर पड़ने का आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 'गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र पर एक चक्रवात बन रहा है, जिसके शुक्रवार को अरब सागर के ऊपर उभरने और ओमान तट की ओर बढ़ने की उम्मीद है।‘बता दें, गुजरात में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लाखों लोग इससे प्रभावित हुए हैं।
1976 के बाद पहली बार आ रहा भयंकर तूफान
असना चक्रवात को काफी खतरनाक बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र से सटे समुद्री तटों पर काम करने वाले मछुवारों को कुछ दिनों तक संभलकर रहने को कहा है। साथ ही अगले दो दिनों तक 60-65 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त 1976 के बाद यह पहला तूफान होगा, जो अरब सागर में उठेगा। साल 1976 में ओडिशा के ऊपर चक्रवात उठा था। इसके बाद चक्रवात उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया था। हालांकि, यह चक्रवात उत्तर-पश्चिम अरब सागर पर कमजोर हो गया था।
असना चक्रवात दुर्लभ गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर के ऊपर अगस्त महीने में चक्रवात उठाना एक दुर्लभ गतिविधि है। साल 1944 में भी ठीक यही समय पर अरब सागर में चक्रवात उठा था। हालांकि, बाद में वो समुद्र के बीच में जाते ही कमजोर पड़ गया था। इसके अलावा दक्षिण गुजरात तट के पास साल 1964 में एक छोटा चक्रवात विकसित हुआ था, तो तट तक पहुंचते ही कमजोर गो गया था। अचंभा की बात यह है कि पिछले 132 सालों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर सिर्फ अगस्त के महीने में कुल 28 ऐसे चक्रवात उठे हैं। साथ ही मौसम विभाग ने कहा है कि इस तूफान की सबसे असामान्य बात ये है कि पिछले कई दिनों सेइसकी तीव्रता में कोई कमी देखने को नहीं मिली है। इस वजह से सौराष्ट्र और कच्छ पर इसका गहरा असर पड़ रहा है।
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