CJP Protest: पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को देशभर के हर जिले में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने अपने अभियान का नारा "हर जिला, एक दिन, एक मांग" रखा है। CJP ने छात्रों, युवा संगठनों और सामाजिक संगठनों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन छात्रों की मांगों के समर्थन और हाल के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया जा रहा है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में अहम बैठक
इसी बीच आज दोपहर 12:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में CJP नेताओं और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक होगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार आंदोलन खत्म करने की अपील कर सकती है और अपनी ओर से एक लिखित प्रस्ताव भी सौंप सकती है। हालांकि CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा कि पार्टी अपनी मुख्य मांग से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि "धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।" साथ ही उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने का स्वागत किया और कहा कि देश के लिए उनका स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है।
पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द
दिल्ली में लगातार हो रहे छात्र प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। सभी रैंक के अधिकारियों को ड्यूटी पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है। याचिकाकर्ता के वकील ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने इसे आज ही सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
वहीं, सुप्रीम कोर्ट भी आज NEET-UG 2026 पेपर लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। याचिकाओं में परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि केंद्र सरकार को नई और अधिक सुरक्षित परीक्षा प्रणाली बनाने के निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा CBI से पेपर लीक मामले की जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर अदालत में पेश करने की भी मांग की गई है। अब सबकी नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली बैठक पर टिकी है। माना जा रहा है कि इस बैठक से आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।
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